भोपाल
अवधपुरी वायु रॉयल एनक्लेव, ईडन गार्डन गेट वेदवती ग्राउंड अमरावद खुर्द में चल रही श्रीराम कथा के चौथे दिन अंतरराष्ट्रीय कथाकार, समाज सुधारक आचार्य मनोज अवस्थी महाराज ने विश्राम दिवस की कथा सुनाते हुए बताया कि श्रीराम जी शबरी मैया के घर गए, जटायु पर भी कृपा की। शबरी मैया को नवधा भक्ति का ज्ञान दिया। किष्किंधा कांड की कथा सुनाते हुए आचार्य ने बताया कि भक्ति से भगवान का मिलन अद्भुत होता है। जहां हनुमान जी से श्रीराम जी मिले, बाली का उद्धार किया और हनुमान जी वानर सेना के साथ समुद्र तट पर आए।
हनुमान जी समुद्र पार कर लंका पहुंचे, जहां उनकी विभीषण से भेंट हुई। महाराज ने बताया कि हनुमान जी ने विभीषण से स्वयं जाकर भेंट की। सज्जन व्यक्ति से, अच्छे व्यक्ति से खुद जाकर मिलना पड़े तो मिलना चाहिए, क्योंकि साधु व्यक्ति, सज्जन व्यक्ति से भेंट करने से कारज में कोई हानि नहीं होती है। आगे की कथा में बताया कि जानकी मैया पीड़ा में डूबी हुई थीं, वह निराश हो रही थीं। लंका में बैठे-बैठे वहां पर हनुमान जी ने राम जी की कथा सुनाई तो उनको आशा की एक किरण दिखाई पड़ी। भगवान की कथा व्यक्ति के जीवन में आशा की नई रोशनी लेकर आती है।
कोई भी व्यक्ति कितना भी हताश हो गया हो, निराश हो गया हो, संसार से कितना भी टूट गया हो पर वह भगवान की कथा में निरंतर लग जाए तो उसे आशा की एक ज्योति दिखाई देने लगेगी। जीवन में नए प्रकाश का अनुभव करने लगेगा। आगे की कथा में हनुमान जी द्वारा लंका का दहन करना, लौटकर राम जी के पास आए।
समुद्र पर पुल बांध कर वानर सेना के साथ राम जी लंका पहुंचे। अंगद रावण संवाद हुआ और जब राम जी ने रावण का उद्धार किया तो रावण ने राम से अंत में कहा कि राम जी मैं आपसे कभी नहीं हारता। मैं सबसे पहले वहां हार गया जहां आपका भाई आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर युद्ध में खड़ा है और मेरा भाई मेरे विरोध में खड़ा हुआ है। परिवार को जोड़ के रखना यह हर व्यक्ति के लिए जरूरी विषय है।
राम जी लौटकर अयोध्या आए और वहां राज्याभिषेक कर उत्सव मनाया गया। महाराज ने बताया कि जैसा उत्सव त्रेता युग में राम जी के अयोध्या लौटने पर हुआ वैसा ही उत्सव अयोध्या में फिर से 550 वर्ष बाद होने जा रहा है जब श्री राम जी 22 जनवरी को दिव्य राम मंदिर में विराजमान होंगे। 22 जनवरी सनातनी हिंदू जनमानस के लिए दीपावली, होली जैसे पर्वों से भी बड़ा पर्व है। महाराज ने इसके लिए सुप्रीम कोर्ट, भारत के प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को धन्यवाद किया। इसके बाद भंडारे का आयोजन किया गया। कथा में मुख्य यजमान सरिता सिंह (खुशबू) उदय प्रताप सिंह और सह यजमान उमा-मान सिंह सेंगर रहे।
संत रविदास नगर बरखेड़ा में लोगों ने लगाए पौधे
समाज के प्रबुद्धजन और बच्चों ने संत रविदास नगर बरखेड़ा में पौधरोपण कर नए साल की शुुरुआत की। इस मौके पर संकल्प लिया कि वे वर्ष भर पौधरोपण का कार्य करते रहेंगे। इस मौके पर विभिन्न तरह के फूलों के साथ फलदार और छायादार पौधे लगाए। पौधरोपण करने वालों में से शिक्षाविद दीपक उपाध्याय, अधिवक्ता एम रवि, भारती, राजेंद्र सिंह चौहान, संजीव शर्मा, कृष्ण, बबलू, शोभा, विवेक, मुस्कान, संगीता प्रसाद, बाबू सहित अन्य लोग मौजद रहे।
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प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण
राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए 22 जनवरी को अयोध्या में होने वाले आयोजन के लिए लोगों को घर घर पहुंचकर निमंत्रण दिया जा रहा है। मंगलवार को राम जन्मभूमि से आए अक्षत निमंत्रण को भेल क्षेत्र के अविनाश नगर में 62 परिवार को आज विश्व हिंदू परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और अविनाश नगर समिति के सदस्यों ने सामूहिक रूप से निमंत्रण भेंट किए। निमंत्रण और पीले चावल देने पहुंचे लोगों ने परिवार और समाजजनों से 22 जनवरी के शुभ अवसर पर अपने घरों पर रोशनी करने और दीप प्रज्वलित करने का सभी से आग्रह किया।
