नई दिल्ली
गौरव यादव पिछले दो साल में मध्य प्रदेश के लिए रणजी ट्रॉफी में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे। टीम एक बार रणजी ट्रॉफी चैंपियन बनी तो एक बार सेमीफाइनल में पहुंच कर हार गई। फिर भी उन्हें इस सीजन में घरेलू क्रिकेट खेलने के लिए अन्य टीमों की तलाश करनी पड़ी क्योंकि एमपी के कोच चंद्रकांत पंडित ने बताया कि वह गौरव से आगे देखना शुरू कर चुके हैं। इसके बाद गौरव ने पुडुचेरी जैसी छोटी टीम का हाथ थामा। लेकिन रणजी ट्रॉफी के इस सीजन के पहले ही मैच में गौरव ने दिखा दिया कि वह क्यों मध्य प्रदेश ने उन्हें छोड़कर बड़ी गलती की।
पुडुचेरी ने दिल्ली को हराया
पुडुचेरी ने 7 बार की रणजी ट्रॉफी विजेता दिल्ली को एकतरफा मुकाबले में हरा दिया। अरुण जेटली स्टेडियम पर गौरव ने अपने करियर का बेस्ट प्रदर्शन किया। 32 साल के इस तेज गेंदबाज ने पहली पारी में 49 रन देकर 7 विकेट लिए। दूसरी पारी में भी तीन बल्लेबाजों को आउट किया। मैच में उन्होंने 98 रन देकर 10 विकेट लिए। यह उनका फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है।
मैच में क्या-क्या हुआ?
पुडुचेरी ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। यश ढुल की कप्तानी वाली दिल्ली की टीम सिर्फ 148 रनों पर आउट हो गई। हर्ष त्यागी ने सबसे ज्यादा 34 रन बनाए। जवाब में पुडुचेरी ने 244 रन ठोक दिए। संतोष रत्नापारखे ने 60 रनों का योगदान दिया। दूसरी पारी में भी दिल्ली की बैटिंग फेल रही। टीम सिर्फ 145 रनों पर ऑलआउट हो गई। पुडुचेरी ने एक विकेट खोकर 51 रन बनाकर और मुकाबले को अपने नाम कर लिया।
नहीं चले दिल्ली के बड़े नाम
ओवरहेड परिस्थितियों और अरुण जेटली स्टेडियम की पिच से सीम गेंदबाजी को मदद मिली। फिर भी, दिल्ली के सीम अनुभवी आक्रमण कुछ खास नहीं कर पाई। नवदीप सैनी और इशांत शर्मा पुडुचेरी की अनुभवहीन बल्लेबाजी पर हावी होने में नाकाम रहे। यही दिल्ली के हार की वजह रही।
