12.8 C
London
Monday, May 4, 2026
Homeराष्ट्रीयकेंद्रीय मंत्री निसिथ प्रमाणिक को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, 22 जनवरी...

केंद्रीय मंत्री निसिथ प्रमाणिक को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, 22 जनवरी तक गिरफ्तारी पर रोक

Published on

नई दिल्ली

केंद्रीय राज्य मंत्री निसिथ प्रमाणिक को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी. वह 2018 के एक हत्या की कोशिश केस में आरोपी हैं. इस मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट में एक याचिका पेंडिंग है. सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि उनकी गिरफ्तारी तब तक नहीं होगी, जबतक हाई कोर्ट की सर्किट बेंच मामले को नहीं देखती, जहां 22 जनवरी को सुनवाई शेड्यूल है.

निसिथ प्रमाणिक के मामले पर सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बेला एम त्रिवेदी और जस्टिस पंकज मित्तल की बेंच ने आदेश जारी किया है. केंद्रीय मंत्री ने सुप्रीम कोर्ट से हाई कोर्ट में मामले की सुनवाई तक गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की थी. पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से पेश हुए वकील गोपाल शंकरनारायण ने बताया कि कोर्ट के आदेश के मुताबिक, निसिथ प्रमाणिक गिरफ्तार नहीं किए जाएंगे लेकिन वह 13 अन्य केस में भी आरोपी हैं.

22 जनवरी को सुनवाई करने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट में दो जजों की बेंच ने स्पष्ट किया है कि सर्किट कोर्ट में मामले की तय समयसीमा के तहत 22 जनवरी को ही सुनवाई की जाए. बेंच ने निर्देश दिया कि अगर सुनवाई के लिए मामले लिस्ट नहीं भी किए गए हैं तो इसे जल्द लिस्ट करें और फिर मामले को तय समयसीमा में निपटाएं. सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि इस बीच आरोपी मंत्री पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी.

2018 हत्या की कोशिश केस में 37 आरोपी
निसिथ प्रमाणिक केंद्र में गृह राज्य मंत्री हैं और कूच बिहार के दिनहाटा संसदीय सीट से सांसद हैं. वह केंद्र में युवा और खेल मामलों के भी राज्य मंत्री हैं. उनपर आर्म्स एक्ट समेत कई धाराओं में केस दर्ज हैं. दिनहाटा पुलिस में निसिथ प्रमाणिक के खिलाफ 2018 में शिकायत दर्ज कराई गई थी. केंद्रीय मंत्री समेत इस केस में 37 लोगों को आरोपी बनाया गया था.

आरोपों को मंत्री ने बताया निराधार
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में मंत्री ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया और दावा किया कि चार्जशीट में भी वह नहीं हैं. साथ ही कहा कि जांच के दौरान भी ऐसे कोई सबूत नहीं मिले जिससे यह लगे की याचिकाकर्ता (मंत्री) कथित अपराध में शामिल थे. प्रमाणिक ने कहा कि गिरफ्तारी का वारंट जारी होने के कारण गिरफ्तारी की आशंका थी और उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया लेकिन अदालत ने मामले को स्थगित कर दिया.

Latest articles

नये मध्यप्रदेश का मार्वलस माइलस्टोन साबित होगा इन्दौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 2360 करोड़ की लागत के इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के पहले...

किसके सिर सजेगा ताज : पांच राज्यों की विधानसभा 823 सीटों के लिए आज होगी मतगणना

नई दिल्ली। देश के पांच बड़े चुनावी मोर्चों असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरलम और...

जबलपुर बरगी डैम हादसा: राजधानी में बरपा युवा कांग्रेस का कहर

पर्यटन मंत्री के बंगले पर '11 अर्थियाँ' लेकर पहुँचे कार्यकर्ता भोपाल। जबलपुर के बरगी डैम...

8 करोड़ की लागत से बेहतर होगा सड़क परिवहन : राज्यमंत्री गौर

मिसरोद और बरखेड़ा पठानी में क्रमश: 2 करोड़ 68 लाख और 2 करोड़ 70...

More like this

किसके सिर सजेगा ताज : पांच राज्यों की विधानसभा 823 सीटों के लिए आज होगी मतगणना

नई दिल्ली। देश के पांच बड़े चुनावी मोर्चों असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरलम और...

बंगाल में 8 एग्जिट पोल में से 6 में भाजपा सरकार, असम में BJP, तमिलनाडु में DMK की वापसी

केरल में 10 साल बाद UDF सरकार का अनुमान नई दिल्ली। पांच राज्यों के विधानसभा...

बंगाल चुनाव में ‘बंपर वोटिंग’, आज़ादी के बाद बना नया रिकॉर्ड, पहले चरण में 93% मतदान

तमिलनाडु के इतिहास में अब तक की सबसे ज़्यादा 85% वोटिंग कोलकाता। पश्चिम बंगाल और...