भोपाल
शनिवार को भेल में हेवु बीएमएस ने फाउंड्री गेट गेट नंबर पांच पर द्वारा सभा कर इंसेंटिंग स्कीम लागू होने पर पटाखे फोड़ लड्डू वितरण कर जश्न मनाया । गेट मीटिंग में नितिन कोंडे ने पूरी जेसीएम का हाल सुनाते हुये कहा कि निफ़्टी ऐबू और सीटू ने बिना स्कीम सुने ही वहां से इंसेंटिव स्कीम का विरोध कर दिया जिससे कारखाने का कर्मचारी आहत हुआ।
ऐबू और सीटू के बैठक में शामिल प्रतिनिधियों ने कहा हमें इंसेंटिव स्कीम नहीं चाहिए वहीं भेल कारखाने में 2019 से भेल कर्मचारियों का इंसेंटिव इन्सलरी और टी-3 भेल प्रबंधन ने कोरोना की आड़ में बंद कर दिया था जिसे लेकर भेल भोपाल भारतीय मजदूर संघ इंसेंटिव इन्सलरी के लिए भेल प्रबंधन से भोपाल से लेकर दिल्ली तक अपनी मांगों को लेकर लड़ती रही जब कि उस समय तीसरे नंबर होने के बावजूद सबसे ज्यादा प्रदर्शन और विरोध भारतीय मजदूर संघ ने ही किया। वर्ष 2022 में हमने लोगों से जनमत मांगा , कर्मचारियों ने हमें नं 1 यूनियन बनाया ।
भेल प्रबंधन हाल ही में सर्कुलर के द्वारा 8 घंटे ड्यूटी का फरमान जारी कर दिया बिना इंसेंटिव दिए इसके विरोध में भारतीय मजदूर संघ भेल भोपाल के अध्यक्ष विजय सिंह कठैत ने मैनेजमेंट को चेताया की बिना इंसेंटिव इन्सलरी और टी-3 लागू किए बगैर आप 8 घंटे ड्यूटी नहीं करवा सकते और हम कारखाने के अंदर आंदोलन छेड़ देंगे जिस पर भेल मैनेजमेंट ने 11 जनवरी 2024 को सभी केंद्रीय लीडरों को न्यौता देकर सेंट्रलाइज्ड इंसेंटिव स्कीम पर चर्चा हेतु बुलाया जिसमें भारतीय मजदूर संघ की ओर से सेंट्रल लीडर एन अंगूस्वामी और भेल भोपाल से नितिन कोंडे ने बैठक में भाग लिया ।
श्री कोंडे ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ के अथक प्रयास से हम एक ही बैठक में उसे लागू करने में सफल रहे लेकिन उसमें भी कर्मचारी विरोधी मानसिकता के लीडर जैसे सीटू यूनियन के सेंट्रल लीडर बैठक में नहीं आए और उनकी और से जो लोग उस बैठक का नेतृत्व कर रहे थे उन्होंने ने इंसेंटिव स्कीम नहीं चाहिए कहकर नकार दिया वहीं दूसरी और ऐबु यूनियन के सेंट्रल श्री फर्नान्डिस ने इस स्कीम को उलझाने के लिए उसे विभिन्न प्लेटफार्म पर चर्चा के लिए बोला जो कि कर्मचारियों ंको गुमराह करने का षडयंत्र था लेकिन प्रबंधन ने भी सकारात्मक रवैया अपनाते हुए इस मामले को निराकरण पर पहुंचाया। यह जानकारी यूनियन ने एक प्रेस विज्ञप्ति में दी ।
