15.7 C
London
Monday, May 4, 2026
Homeराष्ट्रीयउन 5 जज में से 1 ही आ रहे अयोध्या! राम मंदिर-बाबरी...

उन 5 जज में से 1 ही आ रहे अयोध्या! राम मंदिर-बाबरी मस्जिद के सदियों पुराने विवाद का किया था अंत

Published on

अयोध्या

अयोध्या में रामलला आ गए हैं। भव्य राम मंदिर बनकर तैयार है। 22 जनवरी को मूर्ति में प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही श्रद्धालुओं की वर्षों पुरानी मनोकामना पूर्ण हो जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने आज की तारीख से करीब सवा चार पहले दिए ऐतिहासिक फैसले में सदियों से चले आ रहे विवाद पर पूर्ण विराम लगाते हुए मंदिर के पक्ष में फैसला दिया था। वो फैसला देने वाले 5 जजों की बेंच को भी मंदिर ट्रस्ट की तरफ से उद्घाटन कार्यक्रम का न्यौता दिया गया है। हालांकि इन 5 में से केवल 1 जज ने ही अयोध्या आने की हामी भरी है। अन्य एक ने हां या ना में जवाब नहीं दिया है। शेष 3 जजों ने निजी कारणों का हवाला देते हुए नहीं आने की बात कही है।

22 जनवरी को रामलला प्राण प्रतिष्ठा के लिए बुलाए गए मेहमानों की लिस्ट में 5 ऐसे लोगों का नाम भी जुड़ा है, जिन्होंने इस मंदिर के पक्ष में फैसला दिया था। इस कार्यक्रम में अयोध्या मामले में फैसला देने वाले 5 जजों को भी न्योता भेजा गया है। इनमें प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ के अलावा, तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और पूर्व प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, पूर्व न्यायाधीश अशोक भूषण और एस अब्दुल नजीर को प्राण प्रतिष्ठा का न्योता भेजा गया। इन्होंने 9 नवंबर 2019 को ऐतिहासिक फैसला सुनाया था।

इनमें से अशोक भूषण ही एकमात्र ऐसे हैं, जिनका कार्यक्रम में आना सुनिश्चित है। रिटायरमेंट के बाद वह अभी नैशनल कंपनी लॉ अप्पेलेट ट्राइब्यूनल (NCLAT) के पद पर आसीन हैं। वहीं 5 जजों में से एकमात्र मुस्लिम जज न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर भी थे। वह वर्तमान में आंध्र प्रदेश के राज्यपाल हैं। नजीर ने जरूरी प्राथमिकता का हवाला दिया है।

तत्कालीन सीजेआई रंजन गोगोई वर्तमान में राष्ट्रपति की तरफ से नामित राज्यसभा सांसद हैं। न्यायमूर्ति एसए बोबड़े 18 नवंबर, 2019 से 23 अप्रैल, 2021 तक भारत के 47वें चीफ जस्टिस थे। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ वर्तमान में भारत के मुख्य न्यायाधीश हैं। इन सभी लोगों ने आधिकारिक और निजी कार्य का हलावा देते हुए अयोध्या में 22 जनवरी को आने से इनकार किया है।

राम मंदिर को लेकर ऐतिहासिक फैसला सुनाने वाले पांच न्यायाधीशों के अलावा पूर्व मुख्य न्यायाधीशों, न्यायाधीशों और प्रमुख वकीलों सहित 50 से अधिक न्याय क्षेत्र से जुड़े हस्तियों को 22 जनवरी के लिए आमंत्रित किया गया है। इनमें अयोध्या केस की सुनवाई से जुड़े वकील के परासरन, हरिशंकर जैन, विष्णु शंकर जैन, सीएस वैद्यनाथन, महेश जेठमलानी, जस्टिस यूयू ललित, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पूर्व AG के के वेणुगोपाल, मुकुल रोहतगी शामिल हैं।
गोधरा कांड में जान गंवाने वाले कारसेवकों के परिजन भी पहुंचे अयोध्या, VHP ने प्राण प्रतिष्ठा का दिया न्योता

गौरतलब है कि 9 नवंबर 2019 को राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद का अंतिम फैसला हुआ था। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि 2.77 एकड़ की विवादित जमीन असल में रामलला की जन्मभूमि है। कोर्ट ने जमीन को उस ट्रस्ट को सौंपने का फैसला सुनाया था, जिसे भारत सरकार ने बाद में बनाया। कोर्ट ने सरकार को 5 एकड़ जमीन मस्जिद के लिए उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को देने का निर्देश भी दिया था।

Latest articles

नये मध्यप्रदेश का मार्वलस माइलस्टोन साबित होगा इन्दौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 2360 करोड़ की लागत के इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के पहले...

किसके सिर सजेगा ताज : पांच राज्यों की विधानसभा 823 सीटों के लिए आज होगी मतगणना

नई दिल्ली। देश के पांच बड़े चुनावी मोर्चों असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरलम और...

जबलपुर बरगी डैम हादसा: राजधानी में बरपा युवा कांग्रेस का कहर

पर्यटन मंत्री के बंगले पर '11 अर्थियाँ' लेकर पहुँचे कार्यकर्ता भोपाल। जबलपुर के बरगी डैम...

8 करोड़ की लागत से बेहतर होगा सड़क परिवहन : राज्यमंत्री गौर

मिसरोद और बरखेड़ा पठानी में क्रमश: 2 करोड़ 68 लाख और 2 करोड़ 70...

More like this

किसके सिर सजेगा ताज : पांच राज्यों की विधानसभा 823 सीटों के लिए आज होगी मतगणना

नई दिल्ली। देश के पांच बड़े चुनावी मोर्चों असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरलम और...

बंगाल में 8 एग्जिट पोल में से 6 में भाजपा सरकार, असम में BJP, तमिलनाडु में DMK की वापसी

केरल में 10 साल बाद UDF सरकार का अनुमान नई दिल्ली। पांच राज्यों के विधानसभा...

बंगाल चुनाव में ‘बंपर वोटिंग’, आज़ादी के बाद बना नया रिकॉर्ड, पहले चरण में 93% मतदान

तमिलनाडु के इतिहास में अब तक की सबसे ज़्यादा 85% वोटिंग कोलकाता। पश्चिम बंगाल और...