भोपाल
श्रमिकों का सपना था कि भेल क्षेत्र के सोनागिरी स्थित बीमा अस्पताल जल्द ही सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल बनेगा इसके लिये गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र की विधायक व वर्तमान सरकार राज्यमंत्री बनी श्रीमती कृष्णा गौर के अथक प्रयासों से केन्द्र व राज्य सरकार ने इसकी अनुमति भी दे दी। बाकायदा इसका अनुबंध भी हुआ लेकिन इसके बाद कछुआ चाल से चल रही सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल का काम अभी तक शुरू नहीं हो सका। इसके चलते इस अस्पताल में मरीजों को मूलभूत सुविधा भी नहीं मिल पा रही है।
अस्पताल में ना तो स्पेशलिस्ट डॉक्टर हैं और ना ही जांच के लिए अपग्रेडेड मेडिकल इंक्यूपमेंट हैं। यही नहीं मरीजों को अस्पताल में डिजिटल एक्स-रे की भी सुविधा तक नहीं पा रही है। सोनागिरी स्थित बीमा अस्पताल का संचालन ईएसआईसी(एम्प्लोई स्टेट इंश्योरेंश कॉर्पोरेशन) के द्वारा किया जा रहा है। इसके संचालन के पीछे उदेश्य ये था कि संगठित और असंठित क्षेत्र के श्रमिकों को बीमा के माध्यम से स्वास्थ्य लाभ मुहैया कराया जा सके लेकिन सुविधाएं भगवान भरोसे ही चल रही हैं।
यहां डिजिटल एक्स-रे मशीन लगाई गई होती तो आज मरीजों को एक्स-रे की बेहतर सुविधा मिल रही होती और उन्हें जांच रिपोर्ट के लिए भटकना नहीं पड़ता। यदि राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर एक बार फिर से सख्त कार्यवाही करे तो संभवत: श्रमिकों को इस अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ सही मायने में मिल सकेगा।
