भोपाल
केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय की जितनी तारीफ की जाये कम है बीएचईएल के एक कार्यपालक निदेशक का तबादला महज 6 माह में 3 बार किया जा चुका है । इसको लेकर कंपनी के अफसरों में हडकंप मचा हुआ है । कई अफसर इस तरह के आदेश देख कर डरे और सहमें हुये दिखाई दे रहे हैं। मामला बीएचईएल भोपाल कॉडर के कार्यपालक निदेशक राजीव सिंह से जुड़ा हुआ है ।
भोपाल से बाहर साउथ की रानीपेट यूनिट से श्री सिंह का तबादला अगस्त 2023 में भोपाल यूनिट में किया गया था । वह सिर्फ स्वतंत्रता दिवस का झंडा ही फहरा पाये थे और 26 जनवरी 2024 के पूर्व ही उन्हें पीयूसी से जुड़ी एचएमटी कंपनी बंगलुरू भेज दिया गया । लेकिन मात्र दो माह भी पुरे नहीं हुये थे और 7 मार्च को उनका तबादला भेल दिल्ली कॉरपोरेट कार्यालय कर दिया गया वह भी ईडी ओएसडी बनाकर । इसको लेकर भोपाल यूनिट ही नहीं बल्कि बीएचईएल की अन्य यूनिटों में भी श्री सिंह का तबादला चर्चाओं में है।
अब तो लोगों यह अटकलें लगाना शुरू कर दी है कि कहीं राजीव सिंह फिर से भोपाल यूनिट तो नहीं आ रहे । मामला जो भी हो लेकिन इस तरह के तबादला आदेश से कंपनी को कितना नुकसान उठाना पड़ा रहा है इसका अनुमान सहज ही लगाया जा सकता है । जानकारों का कहना है कि इस तरह के तबादले में यदि ट्रांसफर बेनीफिट से जोड़ा जाये तो हर तबादले में कंपनी को 3 लाख से ज्यादा का खर्च संबंधित अफसर को देना पड़ता है । अब श्री सिंह अगले माह भोपाल आयेंगे या फिर शीर्ष प्रबंधन बीएचईएल की किसी अन्य यूनिट भेजेगा इसका इंतजार सभी को है ।

