अबू धाबी
ईद-उल-फितर और रमजान के पवित्र महीने के अंत में यूएई ने 275 पाकिस्तानियों को वापस भेज दिया है। दरअसल यह पाकिस्तानी यूएई की जेलों में बंद थे, जिन्हें अब रिहा कर दिया गया है। इनकी रिहाई इस कारण की गई है, ताकि ये लोग अपने परिवार के साथ पाकिस्तान में ईद मना सकें। पाकिस्तान एसोसिएशन दुबई (PAD) ने स्थानीय कानून प्रवर्तन अधिकारियों के साथ साझेदारी में कैदियों की इस वापसी को संभव बनाया है।
खलीज टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अबू धाबी में पाकिस्तानी दूतावास में कम्युनिटी वेलफेयर अताशे समीउल्लाह खान ने कहा कि रमजान के दौरान संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी में 100 से ज्यादा लोगों को रिहा किया गया है। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा, ‘जिन लोगों के पास पासपोर्ट और अन्य यात्रा दस्तावेज हैं, वे देश छोड़ चुके हैं, जिनके पास जरूरी डॉक्यूमेंट नहीं हैं वो अभी नहीं लौट सके हैं। दस्तावेज उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है।’
2600 कैदी हुए रिहा
ज्यादातर कैदियों को अजमान और शारजाह और फिर बचे हुए को अन्य उत्तरी अमीरात से रिहा कर दिया गया। 95 फीसदी से ज्यादा पाकिस्तानी वापस अपने देश लौटे हैं। जो लोग छोटे-मोटे अपराधों के लिए सलाखों के पीछे होते हैं, उन्हें आम तौर पर पवित्र महीने के दौरान माफ कर दिया जाता है। 2600 कैदियों को यूएई ने पवित्र महीने के दौरान रिहा किया है। अबू धाबी से 735 कैदी, दुबई से 691 कैदी, शारजाह से 484, रास अल खैमा से 368 और अजमान से 314 कैदी रिहा किए गए हैं।
दुबई में हैं 18 लाख पाकिस्तानी
यूएई में 18 लाख पाकिस्तानी रहते हैं। इनमें से ज्यादातर दुबई और उत्तरी अमीरात में रहते और काम करके हैं। संयुक्त अरब अमीरात भी पाकिस्तान को मिलने वाली विदेशी मुद्रा का एक बड़ा स्रोत है। हर महीने पाकिस्तानी लगभग 2 अरब डॉलर पाकिस्तान में भेजते हैं। लेकिन इसी के साथ यूएई की जेलों में बंद पाकिस्तानी कैदी भी बड़ी संख्या हैं। रिपोर्ट में पाकिस्तानी मिशन के एक कर्मचारी ने कहा कि वह जेलों का बार-बार दौरा करते हैं। जिन लोगों को घर जाने के लिए टिकट की जरूरत होती है, उन्हें ये उपलब्ध कराया जाता है। हर महीने औसतन 70-80 लोगों को टिकट दिया जाता है। कुछ महीनों में यह संख्या 20-30 तो कुछ महीनों में 100 तक पहुंच जाती है।
