13.5 C
London
Monday, May 4, 2026
HomeUncategorizedIMF के बाद भारत की ग्रोथ पर एक और भविष्‍यवाणी, मौजूदा वित्त...

IMF के बाद भारत की ग्रोथ पर एक और भविष्‍यवाणी, मौजूदा वित्त वर्ष में 8-8.3%, यह अनुमान किसका?

Published on

नई दिल्ली

उद्योग मंडल पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) ने देश की इकनॉमिक ग्रोथ चालू वित्त वर्ष में 8.0 से 8.3 फीसदी रहने का अनुमान जाहिर किया है। उद्योग मंडल ने कहा कि देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर अगले 23 साल तक औसतन 6.7 फीसदी की रफ्तार से बढ़ेगी। 2047 तक इसके 34,700 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। उस समय तक प्रति व्यक्ति आय 21,000 डॉलर होगी। पीएचडीसीसीआई का भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था पर यह अनुमान अंतरराष्‍ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की भविष्‍यवाणी के एक दिन बाद आया है। आईएमएफ ने भारत की ग्रोथ 2024 में 6.8 फीसदी और 2025 में 6.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया है।

पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के मुख्य अर्थशास्त्री एस पी शर्मा ने कहा, ‘देश में ग्रोथ के लिहाज से बुनियाद मजबूत है। इसके साथ हमारा चालू वित्त वर्ष में जीडीपी ग्रोथ रेट 8.0 से 8.3 फीसदी रहने का अनुमान है।’ उन्होंने कहा, ‘2035 के बाद वृद्धि दर ऊंचे स्तर से धीरे-धीरे नीचे आएगी। औसतन यह अगले 23 साल 6.7 फीसदी रहेगी।’

उद्योग मंडल ने द‍िए सुझाव
उद्योग मंडल ने एक रिपोर्ट में देश को 2047 तक विकसित अर्थव्यवस्था बनाने के लिए सुझाव दिए। पीएचडी चैंबर ने अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए व्यापार करने की लागत को कम करने और फिनटेक (वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियों), सूचना प्रौद्योगिकी, वाहन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बड़े स्तर पर क्षमता बढ़ाने की सिफारिश की है। साथ ही सेमीकंडक्टर उद्योग के विकास पर विशेष ध्यान देने का सुझाव दिया है।

स्‍टार्टअप इकोसिस्‍टम को समर्थन की अपील
इसके अलावा स्टार्टअप परिवेश को निरंतर सहयोग देने का आह्वान किया है। निर्यात के लिए क्षमता बढ़ाने का सुझाव दिया गया है। इसके तहत वैश्विक व्यापार में निर्यात मात्रा बढ़ाने के लिए संभावित 75 उत्पादों पर ध्यान देने की बात कही गई है। उद्योग मंडल ने कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए सुधार उपायों का भी सुझाव दिया है। पीएचडी चैंबर ने 10-सूत्री सुझाव के तहत नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा देते हुए 2047 तक स्थापित क्षमता को 1,500 गीगावाट (एक गीगावाट बराबर 1,000 मेगावाट) तक बढ़ाने की सिफारिश की है।

Latest articles

नये मध्यप्रदेश का मार्वलस माइलस्टोन साबित होगा इन्दौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 2360 करोड़ की लागत के इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के पहले...

किसके सिर सजेगा ताज : पांच राज्यों की विधानसभा 823 सीटों के लिए आज होगी मतगणना

नई दिल्ली। देश के पांच बड़े चुनावी मोर्चों असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरलम और...

जबलपुर बरगी डैम हादसा: राजधानी में बरपा युवा कांग्रेस का कहर

पर्यटन मंत्री के बंगले पर '11 अर्थियाँ' लेकर पहुँचे कार्यकर्ता भोपाल। जबलपुर के बरगी डैम...

8 करोड़ की लागत से बेहतर होगा सड़क परिवहन : राज्यमंत्री गौर

मिसरोद और बरखेड़ा पठानी में क्रमश: 2 करोड़ 68 लाख और 2 करोड़ 70...

More like this

समय पर खर्च करें केंद्रीय निधि, ताकि विकास की गति बनी रहे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के विकास में केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं...

मप्र में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘शतक’ — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत का देती है संदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी फिल्म ‘शतक’ को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ की दूसरी बैठक — 84,282 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई...

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ कार्यक्रम की दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित...