9.9 C
London
Tuesday, April 28, 2026
Homeराष्ट्रीयकोविशील्ड वैक्सीन का कितना साइड इफेक्ट, कोरोना काल के 'सुपरमैन' ने बता...

कोविशील्ड वैक्सीन का कितना साइड इफेक्ट, कोरोना काल के ‘सुपरमैन’ ने बता दिया सच

Published on

नई दिल्ली:

इन दिनों कोरोना वैक्सीन बनाने वाली अस्ट्राजेनेका काफी चर्चा में है। कंपनी ने एक रिपोर्ट में ये माना कि वैक्सीन के दुर्लभ साइडइफेक्ट हो सकते हैं। इसी कंपनी ने कोविशील्ड वैक्सीन भी बनाई है। जब से ये खबर सामने आई, लोगों में डर का माहौल है। वहीं इसे लेकर कई अफवाहें भी उड़ रही हैं। इस बीच आईसीएमआर के पूर्व वैज्ञानिक ने वैक्सीन को लेकर उड़ रही अफवाहों पर ब्रेक लगाया है और कहा है कि कोविड-19 वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स बहुत कम मामलों में ही होते हैं, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है।

’30 दिनों के भीतर होते साइडइफेक्ट, अब नहीं’
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के पूर्व वैज्ञानिक डॉक्टर आर गंगा केटकर ने कहा है कि खून के थक्के जमने जैसी परेशानी पैदा करने वाला ‘थ्रॉम्बोसिस विथ थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम’ (टीटीएस) सिर्फ वैक्सीन लेने के 5 से 30 दिनों के अंदर ही हो सकता है। अब इससे साइडइफेक्ट नहीं होंगे। उन्होंने बताया कि कोविशील्ड वैक्सीन बनाने वाली कंपनी अस्ट्राजेनेका ने ये माना है कि वैक्सीन से बहुत कम लोगों को ही ये परेशानी हो सकती है। डॉक्टर केटकर का कहना है कि वैक्सीन के फायदे, नुकसान से कहीं ज्यादा हैं। उन्होंने ये भी बताया कि जितने ज्यादा लोग वैक्सीन लेंगे, टीटीएस का खतरा उतना ही कम होता जाता है।

‘नुकसान से वैक्सीन के हैं फायदे’
उन्होंने आखिर में ये भी कहा कि वैक्सीन बनने के बाद भी वैज्ञानिक इसकी सुरक्षा पर नजर रखते हैं। किसी भी दवाई या वैक्सीन के कुछ दुर्लभ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं, लेकिन हमें फायदों को भी ध्यान में रखना चाहिए। बता दें कि वैक्सीन बनाने वाली कंपनी अस्ट्राजेनेका पर केस चल रहा है। कुछ लोगों ने दावा किया कि उनकी वैक्सीन से खून के थक्के जमने जैसी परेशानी (टीटीएस) हुई और लोगों की मौत हो गई। भारत में सीरम इंस्टिट्यूट ने अस्ट्राजेनेका से अनुमति लेकर कोविशील्ड वैक्सीन बनाई थी।

‘गूगल से गलत जानकारी का का शिकार हो जाते हैं लोग’
डॉक्टर केटकर का कहना है कि अफवाहों को दूर करना जरूरी है। वो कहते हैं कि लोग परेशान होकर गूगल पर ढूंढते हैं और गलत जानकारी का शिकार हो जाते हैं। अगर वो नकारात्मक सोच रखेंगे तो ये बचपन के टीकाकरण को भी प्रभावित कर सकता है। उन्होंने ये भी कहा कि बिना सोचे समझे फैलाए जाने वाले अवैज्ञानिक तर्क समाज में सिर्फ डर बढ़ाते हैं, और इन्हें रोका जाना चाहिए।

‘भारत में वैक्सीन ने किया अच्छा काम’
रिपोर्ट्स के अनुसार, अस्ट्राजेनेका ने कानूनी दस्तावेजों में माना है कि उनकी वैक्सीन बेहद दुर्लभ मामलों में टीटीएस का कारण बन सकती है। भारत में कोविड से जुड़े एक सरकारी दल के सीनियर अधिकारी ने बताया कि भारत में 90% लोगों को लगी कोविशील्ड वैक्सीन ने अच्छा काम किया है, उन्होंने टीटीएस के दुर्लभ खतरे के बावजूद, गंभीर साइड इफेक्ट्स की चिंताओं को कम आंका।

Latest articles

विधानसभा में 33% महिला आरक्षण का संकल्प पारित: CM बोले-कांग्रेस ने बहनों की क्षमता-आकांक्षाओं की पीठ में खंजर घोंपा

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के विशेष एक दिवसीय सत्र में सोमवार को ‘नारी शक्ति वंदन’...

मनरेगा ई-केवाईसी में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल: 97.11% लक्ष्य पूरा कर रचा इतिहास, बड़े राज्यों को भी पछाड़ा

  रायपुर। छत्तीसगढ़ ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के क्रियान्वयन में...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से की शिष्टाचार भेंट, विकास और जनहित के मुद्दों पर हुई चर्चा

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने बेंगलुरु प्रवास के दौरान कर्नाटक के...

More like this

बंगाल चुनाव में ‘बंपर वोटिंग’, आज़ादी के बाद बना नया रिकॉर्ड, पहले चरण में 93% मतदान

तमिलनाडु के इतिहास में अब तक की सबसे ज़्यादा 85% वोटिंग कोलकाता। पश्चिम बंगाल और...

पहलगाम हमले की बरसी: PM मोदी ने जान गंवाने वाले निर्दोषों को याद किया, कहा- आतंक के आगे भारत कभी नहीं झुकेगा

नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भावुक...

महिला आरक्षण बिल पास नहीं हुआ, PM बोले- माफी मांगता हूं

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान पीएम...