नई दिल्ली
एयर इंडिया एक्सप्रेस के बड़ी संख्या में कर्मचारी एक साथ में बीमारी की छुट्टी पर चले गए हैं। इसके कारण एयरलाइन को पिछले 12 घंटे में 78 उड़ानों को रद्द करना पड़ा है। जानकारी के मुताबिक, कर्मचारियों की ओर से एक साथ बीमारी की छुट्टी लेने की वजह एयरलाइन में किया जा रहा बदलाव है, जिसका विरोध दर्ज करने के लिए ये कदम उठाया गया है। सूत्रों ने बताया कि एयरलाइन की ओर से किए जा रहे बदलावों से केबिन क्रू समेत वरिष्ठ कर्मचारी खुश नहीं थे। उधर बुधवार को एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानें अचानक रद्द होने से प्रभावित हुए हजारों मुसाफिरों में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद भी थे। उन्होंने कहा, ‘एयर इंडिया को बंद हो जाना चाहिए, क्योंकि इसका कल्चर खराब है।’
गुलाम नबी आजाद ने कहा, ‘जब मैं नागरिक उड्डयन मंत्री था, तो एयर इंडिया के पायलटों ने 40 दिनों की हड़ताल का आह्वान किया था। तब हम निजी एयरलाइंस लाए। लेकिन, उन्होंने (एयर इंडिया) कोई सबक नहीं सीखा।’ आज़ाद ने कहा, ‘अगर उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, तो उन्हें हमें सुबह ही सूचित करना चाहिए था। यात्रियों को मूर्ख क्यों बनाया जाए? इतने सारे लोगों को परेशान किया जा रहा है।’
घरेलू के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी रद्द
जानकारी के मुताबिक, जो उड़ानें रद्द हुई हैं, उनमें घरेलू के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी शामिल हैं। केवल केरल के चार अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों तिरुवनंतपुरम, कोच्चि, कोझिकोड और कन्नूर से करीब एक दर्जन उड़ानें रद्द हुई हैं। इनमें अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी थीं, जो कि मध्य पूर्व के देशों में जा रही थीं। एयरलाइन के प्रवक्ता ने कहा, “हमारे केबिन क्रू का एक वर्ग मंगलवार शाम से बीमारी की छुट्टी पर चला गया है। इसके कारण कई उड़ानों को देरी का सामना कर पड़ रहा है और कई उड़ानों को रद्द किया गया है। हम क्रू के साथ इस मसले को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे यात्रियों को कम से कम असुविधा का सामना करना पड़े।”
