अहमदाबाद
गुजरात में तीन बच्चे होने पर बीजेपी के दो पार्षदों की सदस्यता को सामाप्त कर दिया गया है। अमरेली जिले के कलेक्टर ने दोनों महिला पार्षदों को अयोग्य घोषित कर दिया है। यह दोनों पार्षद जिले की दामनगर पालिका में निर्वाचित सदस्य थीं। जिला कलेक्टर ने गुजरात नगर पालिका अधिनियम 1963 का हवाला देते हुए यह कार्रवाई की है। अमरेली जिला कलेक्टर के फैसला राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना गया है। कलेक्टर के आदेश के बाद दामनगर पालिका के वार्ड संख्या दो और तीन में दो सीटें खाली हो गई है। गुजरात में स्थानीय निकाय में 50 फीसदी महिला आरक्षण लागू है। दोनों महिला पार्षद 2021 के चुनाव में निर्वाचित हुई थीं।
पालिका में खाली हो गई दो सीटें
अमरेली जिला कलेक्टर अजय दहिया के आदेश से बीजेपी को बड़ा झटका लगा है। कलेक्टर ने तुरंत प्रभाव से खीमा कासोटिया और मेघना अरविंद बोखा को शहरी स्थानीय निकाय के पार्षदों के रूप में तत्काल प्रभाव से अयोग्य घोषित कर दिया है। जब ये दोनों पार्षद निर्वाचित हुए थे तो इनके दो बच्चे थे। तीसरे बच्चे को जन्म देने के बाद इनके खिलाफ यह कार्रवाई अमल में लाई गई है। कलेक्टर के आदेश के बाद दामनगर पालिका में दो सीटें खाली हो गई हैं। कलेक्टर कार्यालय ने के अनुसार दोनों को नगर निगम अधिनियम-11(1)(एच) के तहत अयोग्य घोषित कर धारा-38 के तहत वर्तमान पद से हटाया गया। अमरेली कलेक्टर की तरफ यह आदेश शिकायत प्राप्त होने के बाद जारी किया गया है।
दोनों पहली बार बनी थी पार्षद
अमरेली जिले की दामनगर पालिका के जिन दो महिलाएं पहली बार चुनाव जीत कर पार्षद निर्वाचित हुई थीं। निष्कासित किए गए पार्षदों का कहना है उन्हें यह नहीं पता थ कि जीतने के बाद भी बच्चा पैदा होने पर उनके खिलाफ आयोग्यता की कार्रवाई हो सकती है। मेघना बोखा के पति ने कहा कि वे फैसले का अध्ययन कर रहे हैं। इसके बाद आगे के आगे की रणनीति में बारे में फैसला लेंगे। अरविंद बोखा ने कहा कि हमारे पहले से ही एक बेटी और एक बेटा है। भगवान ने हमें दूसरे बेटे का आशीर्वाद दिया। इसी तरह मेरे दोस्त खीमा, जो दो बेटियों के पिता थे। उन्हें भी भगवान ने एक बेटा दिया है। ऐसे में हमारे लिए परिवार सबसे पहले आता है।
