16.2 C
London
Tuesday, May 5, 2026
Homeरिजर्व बैंक के आंकड़ें बता रहे हैं, डिजिटल फ्रॉड बढ़ गया 708%...

रिजर्व बैंक के आंकड़ें बता रहे हैं, डिजिटल फ्रॉड बढ़ गया 708% तो बैंक फ्रॉड 300% , जानिए पूरी बात

Published on

मुंबई:

आप खबरों पर नजर डालते होंगे तो देखते होंगे कि हर रोज अखबारें में डिजिटल फ्रॉड या धोखाधड़ी की खबर छपती ही रहती है। इस बात की तस्दीक भारतीय रिजर्व बैंक की रिपोर्ट भी करती है। जी हां, कल ही रिजर्व बैंक ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट जारी की है। इससे पता चलत है कि दो साल के दौरान डिजिटल फ्रॉड की घटनाओं में 708 फीसदी तो बैंक फ्रॉड की घटना में 300 फीसदी की तेज बढ़ोतरी हुई है।

कितने फ्रॉड रिपोर्ट किए गए
रिजर्व बैंक के मुताबिक साल 2023-24 के दौरान बैंक फ्रॉड की घटना में काफी इजाफा हुआ है। इस साल रिपोर्ट किए गए धोखाधड़ी के मामलों की संख्या 36,075 थी, जो वित्त वर्ष 2021-22 में रिपोर्ट किए गए 9,046 मामलों से लगभग 300 फीसदी अधिक है। हालांकि, इसमें शामिल राशि 45,358 करोड़ रुपये से गिरकर 13,930 करोड़ रुपये हो गई है। राशि के हिसाब से देखें तो वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान रिपोर्ट की गई कुल धोखाधड़ी में शामिल राशि में 46.7 प्रतिशत की गिरावट आई।

सरकारी या प्राइवेट बैंक, कहां हुए ज्यादा फ्रॉड
आरबीआई ने नोट किया कि जहां निजी क्षेत्र के बैंकों ने पिछले तीन वर्षों में धोखाधड़ी की सबसे अधिक संख्या की सूचना दी, वहीं सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने धोखाधड़ी की राशि में अधिकतम योगदान दिया। रिजर्व बैंक ने बताया कि संख्या के लिहाज से धोखाधड़ी मुख्य रूप से डिजिटल भुगतान (कार्ड भुगतान और इंटरनेट) में हुई। हालांकि, मूल्य के संदर्भ में, धोखाधड़ी मुख्य रूप से लोन पोर्टफोलियो में दर्ज की गई थी। आरबीआई के विश्लेषण से पता चला, “जहां निजी क्षेत्र के बैंकों द्वारा रिपोर्ट की गई धोखाधड़ी की संख्या में छोटे मूल्य के कार्ड/इंटरनेट धोखाधड़ी ने अधिकतम योगदान दिया, वहीं सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में धोखाधड़ी मुख्य रूप से लोन पोर्टफोलियो में थी।”

डिजिटल पेमेंट के फ्रॉड में भारी बढ़ोतरी
कार्ड और इंटरनेट भुगतान से संबंधित फ्रॉड की संख्या तो तेजी से बढ़ी है। वित्त वर्ष 2021-22 में ऐसी धोखाधड़ी की संख्या 3,596 थी जो कि वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 29,082 हो गई। मतलब 708 फीसदी की भारी बढ़ोतरी। मूल्य के संदर्भ में भी यह 155 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,457 रुपये हो गया।

फ्रॉड का पता चलने में दरी
FY23 और FY24 के दौरान रिपोर्ट किए गए मामलों पर किए गए एक अध्ययन में RBI ने धोखाधड़ी की घटना की तारीख और उसका पता चलने के दिन के बीच ‘महत्वपूर्ण’ समय अंतराल देखा। आरबीआई ने कहा कि पिछले वित्तीय वर्षों में हुई धोखाधड़ी में शामिल राशि, मूल्य के संदर्भ में वित्त वर्ष 2023 में रिपोर्ट की गई धोखाधड़ी का 94.0 प्रतिशत थी। मूल्य के हिसाब से वित्त वर्ष 2024 में रिपोर्ट की गई लगभग 89 प्रतिशत धोखाधड़ी पिछले वित्त वर्ष में हुई थीं। मतलब कि लोगों को बाद में पता चला कि उसके साथ फ्रॉड हो चुका है।

Latest articles

मप्र के कई जिलों में बारिश, डिंडौरी में ओले गिरे-टीन शेड उड़े, 39 जिलों में अलर्ट

भोपाल। मप्र में मंगलवार सुबह से धार, बड़वानी, झाबुआ सहित कई जिलों में बारिश...

चीन के हुनान में पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 21 की मौत, 61 लोग घायल

बीजिंग। मध्य चीन के हुनान प्रांत से एक बेहद दर्दनाक और खौफनाक खबर सामने...

बंगाल में नई सरकार का शपथग्रहण 9 मई को, सीएम चेहरे पर सस्पेंस बरकरार!

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के...

भारतीय राजनीति के कई पुराने किले ढहे, बंगाल में दीदी तो तमिलनाडु में स्टालिन हारे, शुभेंदु और विजय का चला जादू

नई दिल्ली। चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनावी नतीजे लगभग साफ...

More like this

कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में DBT प्रायोजित व्याख्यान श्रृंखला संपन्न: जैव प्रौद्योगिकी के भविष्य पर हुई चर्चा

भोपाल। भारत सरकार के बायोटेक्नोलॉजी विभाग (DBT) के सहयोग से भोपाल के कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ...

संबलपुरी परिवार ने मधुबन गार्डन में उल्लास और परंपरा के साथ मनाया पुष्पुनी तिहार

पॉवर पश्चिमी ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक पुष्पुनी तिहार का भव्य आयोजन रविवार...