— जल गंगा संवर्धन अभियान की शुुरुआत, प्रदेश में 5 करोड़ 50 लाख पौधे भी लगाए जाएंगे
भोपाल।
आचार संहिता हटने के बाद राजधानी में पहले सरकारी कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत छोटे तालाब की सफाई की। शहर के सभी 13 तालाब, 58 कुएं और बावडियों के संरक्षण और पुर्नर्जीवन अभियान की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा कि तालों में ताल भोपाल, बाकी सब तलैया। उनके साथ नवनिर्वाचित सांसद, मंत्री और विधायकों ने भी श्रमदान किया।
छोटे तालाब पर बने जलक्रीड़ा केंद्र पर आयोजित कार्यक्रम में सीएम श्री यादव ने कहा कि इस अभियान के तहत केवल नदियां नहीं बल्कि सारे जल स्त्रोतों का भी संवर्धन किया जाएगा। जिस तरह सारी नदियां गंगा में जाकर मिलती हैं, उसी तरह भोपाल में 60—70 साल में भिन्न—भिन्न संस्कृति देखने को मिली है। इस अभियान के तहत प्रदेश में 5 करोड़ 50 लाख पौधे भी लगाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में जनभागीदारी से पौधे लगाए जाएंगे। गंगा दशहरा के बाद भी यह अभियान जारी रहेगा। सभी स्थानीय निकाय अपने—अपने स्तर पर गतिविधियां संचालित करेंगे। प्रदेश में वाटर स्पोर्ट्स को प्रोत्साहित किया जाएगा। भोपाल के साथ इंदौर और उज्जैन में भी यह गतिविधियां संचालित होंगी। अगले ओलंपिक में पदक लाना हमारा लक्ष्य होगा। निगम जल स्त्रोतों की सफाई और ढांचों की जरूरत के मुताबिक होने वाली मरम्मत पर 3 करोड़ 70 लाख रुपए खर्च करेगा। इस मौके पर नगरीय आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री विश्वास सारंग, मंत्री कृष्णा गौर, नवनिर्वाचित सांसद आलोक शर्मा, महापौर मालती राय, विधायक रामेश्वर शर्मा आदि मौजूद थे।
