लखनऊ ,
एनडीए (NDA) की बैठक में नरेंद्र मोदी को तीसरी बार संसदीय दल का नेता चुन लिया गया है. इस बैठक में बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के तमाम नेता मौजूद रहे. कई दिग्गज नरेंद्र मोदी के साथ मंच पर नजर आए. हालांकि, इसको लेकर सपा और कांग्रेस ने सवाल उठाया है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी को मंच पर जगह नहीं देना उनका अपमान है.
यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि जयंत चौधरी को नरेंद्र मोदी के साथ मंच पर जगह नहीं मिली. मोदी जी के यहां जो जाएगा उसके साथ यही होगा. पार्टी में शामिल कराते वक्त बड़े-बड़े गुलदस्ते और हार दिए जाते हैं, लेकिन बाद में अपमानित किया जाता है.
RLD पार्टी के मुखिया @jayantrld को मंच पर स्थान तक नहीं दिया गया जबकि उनकी 2 सीटें हैं ,वहीं 1-1 सीट वाले दलों के नेताओं को मंच पर साथ में बिठाया गया
भाजपा की जाट समाज से नफरत और स्व.चौधरी चरण सिंह जी एवं चौधरी अजीत सिंह जी के प्रति नाटकीय झूठे सम्मान का भंडाफोड़ हो गया है
जयंत… pic.twitter.com/QswEZkHCUX
— Samajwadi Party Media Cell (@mediacellsp) June 7, 2024
वहीं, सपा ने सवाल पूछा कि एक सांसद वाली पार्टी की अनुप्रिया पटेल को मंच पर जगह मिल गई लेकिन दो सांसद वाले आरएलडी के नेता को नहीं मिली. घोसी से लोकसभा का चुनाव जीते सपा के राजीव राय ने कहा कि जो लोग किसानों को आतंकी कहते थे उनके साथ जाने पर यही हाल होगा.
बकौल राजीव राय- किसानों के सबसे बड़े नेता चौधरी साहब के पौत्र जयंत चौधरी का यह केवल अपमान नहीं है बल्कि उन किसानों का भी अपमान है जिनको भला-बुरा कहा गया. जयंत को अगर किसानों के सम्मान की चिंता होगी और अपने आत्मसम्मान की चिंता होगी तो वह इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगे.
राजीव राय ने कहा कि कितना सम्मान था उनका समाजवादी पार्टी में, ऐसी स्थिति में उनको अपने आत्मसम्मान में और किसानों के सम्मान में वहां से निकल जाना चाहिए. हम उन्हें लेंगे या नहीं लेंगे या राष्ट्रीय नेतृत्व का निर्णय होगा. ‘इंडिया’ गठबंधन के शीर्ष नेतृत्व नेकहा है कि जो आएगा उसका स्वागत होगा. अखिलेश यादव के पास जो भी जाता है उसका वह दिल खोलकर स्वागत करते हैं.
सपा नेता ने आगे कहा कि जिस दिन मुझे घोसी से टिकट मिला था, यकीन था मैं निकाल लूंगा. बड़ी जीत के साथ बड़ी जिम्मेदारी मिली है. कई बार अफवाह उड़ाई गई कि टिकट कट जाएगा लेकिन अखिलेश जी ने मुझपर भरोसा जताया.
