बीजिंग
चीन और ऑस्ट्रेलिया के संबंधों में कुछ समय पहले तनाव देखा गया। लेकिन अब चीन ऑस्ट्रेलिया से संबंध सुधार रहा है। चीन ने ऑस्ट्रेलिया को एक विशाल पांडा की एक नई जोड़ी देने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री ली कियांग ने रविवार को कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों में गर्मजोशी का यह नवीनतम संकेत है। ऑस्ट्रेलिया के पब्लिक ब्रॉडकास्टर एबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक ली ने ऑस्ट्रेलिया की चार दिवसीय यात्रा शुरू करते हुए एडिलेड चिड़ियाघर में यह घोषणा की। यह ऑस्ट्रेलिया का दूसरा सबसे पुराना चिड़ियाघर है।
चीनी सरकारी मीडिया के मुताबिक उन्होंने कहा कि इस साल के अंत में वर्तमान जोड़ी जब ऑस्ट्रेलिया से चीन लौट जाएगी, तब नई जोड़ी भेजी जाएगी। सात वर्षों में ली पहले चीनी प्रधानमंत्री जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया की यात्रा की है। इससे पहले दोनों में तनावपूर्ण संबंध देखे गए। चीन ने ऑस्ट्रेलियाई वाइन, जौ, लड़की और कोयले पर लगाए गए भारी टैक्स को हटा दिया है। 2020 में तत्कालीन पीएम स्कॉट मॉरिसन ने चीन में कोविड महामारी की जांच की मांग की थी, जिसके बाद टैक्स बढ़ाए गए थे।
लेबर पार्टी के आने से सुधरे संबंध
2022 में लेबर पार्टी के सत्ता में आने के बाद से दोनों देशों के संबंधों में नरमी देखी गई है। ऑस्ट्रेलियाई सरकार के मुताबिक चीन ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है, जो उसके विदेशी व्यापार का लगभग एक तिहाई हिस्सा है। इस बीच चीन की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए ऑस्ट्रेलिया से आने वाली चीजें महत्वपूर्ण हैं। चीन ने दोस्ती के प्रतीक के तौर पर 20 से ज्यादा देशों को पांडा दे रखा है। इसें पांडा कूटनीति कहा जाता है।
‘दोस्ती के दूत हैं पांडा’
दक्षिणी गोलार्ध में एकमात्र पांडा ऑस्ट्रेलिया में हैं। इनका नाम वांग वांग और फू नी है। नवंबर 2009 में एडिलेट चिड़ियाघर में वह ऋण पर हैं। चीनी मीडिया के मुताबिक 2019 में उनके प्रवास को पांच वर्षों तक बढ़ाने का एक समझौता किया गया था। ली चीन के दूसरे सर्वोच्च रैंक वाले अधिकारी हैं। उन्होंने कहा, ‘यह देखकर खुशी हुई कि अपनी मातृभूमि से दूर होने के बावजूद दोनों पांडा का अच्छी तरह से देखभाल किया जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया में वे एक खुशहाल जीवन जीने के लिए बस गए हैं। ये ऑस्ट्रेलिया और चीन की दोस्ती के दूत हैं।’
