प्रयागराज:
उत्तर प्रदेश के हाथरस में सत्संग सुनने आए लोगों की भगदड़ में हुई मौतों को लेकर हर तरफ चर्चा चल रही है। इस हादसे में 121 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। इस प्रकार का मामला सामने आने के बाद फर्जी साधु-संतों पर चर्चा शुरू हो गई है। वर्तमान समय में बड़े पैमाने पर जादू-चमत्कार दिखाकर खुद को संत बताने का प्रयास किया जा रहा है। इस प्रकार की स्थिति को देखते हुए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एक्शन लेने की तैयारी में है। अखाड़ा परिषद की 18 जुलाई को होने वाली बैठक में फर्जी संतों का नाम सार्वजनिक किए जाने पर चर्चा हो सकती है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद फर्जी संतों की सूची को सार्वजनिक कर एक बार फिर मामले को गरमाने की तैयारी में जुट गया है।
अखाड़ा परिषद की तैयारी से साफ है कि प्रयागराज से एक बार फिर फर्जी संतों के खिलाफ आवाज बुलंद होगी। प्रयागराज महाकुंभ से पहले अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ऐसे फर्जी संतों की सूची जारी करेगा। साथ ही, इनके खिलाफ एक गाइडलाइन तैयार करने की मांग मेला प्रशासन से की जाएगी। प्रयागराज मेला प्राधिकरण और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के साधु संतों की बैठक 18 जुलाई को प्रस्तावित है। इस बैठक में फर्जी संतों को लेकर आवाज उठाए जाने की तैयारी की जा रही है। फर्जी संतों को महाकुंभ के मंच पर स्थान दिए जाने का विरोध भी होगा।
चमत्कार के नाम पर गुमराह करने का आरोप
अखाड़ा परिषद से जुड़े संतों का कहना है कि ऐसे लोग चमत्कार के नाम पर जनता को गुमराह कर भीड़ जुटाते हैं। ये लोग संतों को बदनाम करते हैं। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महंत रवींद्रपुरी ने कहा कि 18 जुलाई को जिला प्रशासन के साथ बैठक होगी। इसमें फर्जी बाबा का चोला पहनने वालों के खिलाफ नियम बनाने के लिए प्रशासन से कहा जाएगा। वहीं, बड़ा उदासीन अखाड़ा के पंच परमेश्वर में शामिल श्रीमहंत महेश्वरदास का कहना है कि पहले भी फर्जी संतों के खिलाफ कार्रवाई की मांग रखी गई है और इस बार भी रखी जाएगी।
ऐसे संत कहलाने लायक नहीं
श्रीमंत महेश्वरदास ने कहा कि ऐसे लोगों को बाबा या संत कहा ही क्यों जाता है? ये कथावाचक हो सकते हैं। प्रचारक हो सकते हैं। इन्हें संत नहीं कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ शासनादेश जारी करना होगा। वहीं, पंच परमेश्वर में शामिल महंत दुर्गादास ने कहा कि फर्जी बाबा लोगों की सूची प्रशासन को दी जाएगी। इन्हें हटाने के लिए कहा जाएगा। महंत अद्योतानंद ने भी फर्जी बाबा के मसले को गलत करार दिया। चातुर्मास में प्रयागराज प्रवास करने आए महंत अद्योतानंद ने कहा कि प्रयागराज की बैठक में इस प्रकार के फर्जी संतों के खिलाफ आवाज बुलंद की जाएगी।
