इस्लामाबाद
भारत के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक बयान ने पाकिस्तान ने हलचल मचा दी है। योगी आदित्यनाथ ने 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका दिवस के मौके पर कहा था कि पाकिस्तान का या तो भारत में विलय होगा या फिर हमेशा के लिए इतिहास से समाप्त हो जाएगा। योगी आदित्यनाथ ने महर्षि अरविंद के साल 1947 में दिए गए बयान का हवाला दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान का आध्यात्मिक जगत में कोई अस्तित्व नहीं है। योगी आदित्यनाथ के इस बयान पर भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त रहे अब्दुल बासित ने प्रतिक्रिया दी है।
अब्दुल बासित ने पाकिस्तान के खत्म हो जाने की भविष्यवाणी का विरोध बताया और कहा कि उनका देश बना रहेगा। हालांकि, अब्दुल बासित को योगी आदित्यनाथ के बयान का मतलब ही समझ नहीं आया और ये बात उन्होंने खुद स्वीकार की। यूट्यूब पर अपने व्लॉग में बोलते हुए बासित ने पाकिस्तान का आध्यात्मिक आधार न होने की बात का खंडन किया और दावा किया कि पाकिस्तान का निर्माण ही आध्यात्मिक आधार पर हुआ है।
इस्लाम को बताया आधार
बासित ने इस्लाम को पाकिस्तान का सबसे बड़ा आधार बताया। बासित ने कहा कि योगी आदित्यनाथ कह रहे हैं कि पाकिस्तान का आध्यात्मिक जगत में अस्तित्व नहीं है। बल्कि, हमारे तो देश का आधार ही इस्लाम के आधार पर है। यह आध्यात्मिक ही है। मुझे नहीं समझ आता कि महर्षि अरविंद ने यह विचार कहां से लिया और अब इसे योगी आदित्यनाथ ने इसे दोहराया है। पूर्व पाकिस्तानी राजनयिक ने योगी आदित्यनाथ के बयान को अफसोसजनक बताया था।
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क्या कहा था योगी आदित्यनाथ ने?
14 अगस्त को एक संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने पाकिस्तान के खात्मे की भविष्यवाणी करते हुए कहा था कि जब आध्यात्मिक जगत में किसी का वास्तविक स्वरूप नहीं है तो उसको नष्ट ही होना है। उसकी नश्वरता पर हमें शक नहीं करना चाहिए। हमें यह मानना चाहिए कि यह होगा। इसके साथ ही उन्होंने अपनी गलतियों पर भी ध्यान देने की बात कही, जिसके चलते विदेशी आंक्रांताओं को भारत में घुसने और भारत के धार्मिक स्थलों को तोड़ने और भारतीय संस्कृति को नष्ट करने का अवसर मिला था।
