पेरिस ओलंपिक में भारतीय रेसलर विनेश फोगाट मेडल जीतने से चूक गईं। वह रेसलिंग इवेंट के फाइनल में जगह बनाने वाले पहली भारतीय महिला बनीं। महिलाओं के 50 किग्रा भार वर्ग के फाइनल से पहले विनेश का वजन 100 ग्राम ज्यादा था। इसी वजह से उन्हें डिसक्वालिफाई कर दिया गया। फाइनल में पहुंचने के बाद भी विनेश का हाथ खाली रह गया।भारत की स्टार पहलवान विनेश फोगाट पेरिस से वापस लौट आई हैं। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। विनेश के आगमन के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
आंसू नहीं रुक रहे थे
एयरपोर्ट से बाहर निकलने के बाद विनेश फोगाट के आंसू नहीं रुक रहे थे। सेमीफाइनल में जीत के बाद उनका सिल्वर मेडल पक्का हो गया था। इसके बाद भी वह खाली हाथ रहीं।एयरपोर्ट को विनेश फोगाट को रिसीव करने के लिए भारी भीड़ थी। ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक के साथ ही बजरंग पूनिया भी पहुंचे थे। रोती हुई विनेश फोगाट को साक्षी मलिक ने संभाला।
पंचाट के फैसले के लिए पेरिस में थीं
विनेश ने संयुक्त रूप से रजत पदक दिलाने के लिए खेल पंचाट में अपील की थी जिसके कारण वह पेरिस में रुकी रही। खेल पंचाट ने उनकी अपील को खारिज कर दिया था।भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विनेश फोगाट की तारीफ की थी। उन्होंने एथलीट से मिलने के दौरान कहा था कि विनेश फोगाट ओलंपिक में फाइनल (रेसलिंग) में पहुंचने वाली पहली भारतीय बनीं। यह भी हमारे लिए गर्व का विषय है।
