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Tuesday, May 26, 2026
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राज्य मंत्री कृष्णा गौर की मेहनत पर फेर रहे हैं पानी

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11 माह से सुपर स्पेशलिस्ट नहीं बन पाया भेल क्षेत्र का सोनागिरी बीमा अस्पताल

भोपाल।

आज से 11 माह पहले मप्र सरकार की राज्य मंत्री कृष्णा गौर की अथक मेहनत के बाद भेल क्षेत्र का एक मात्र सोनागिरी स्थित राज्य बीमा चिकित्सालय को सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल बनाने का गौरव प्राप्त हुआ था। केंद्र व राज्य सरकार उनकी गुहार को सुनकर इस अस्पताल को सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल का दर्जा दिया था। लोगों में खुशी की लहर थी। लाखों लोगों को यहां इलाज का फायदा मिलता, लेकिन आज 11 माह गुजर जाने के बाद भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मरीजों को नहीं मिल पा रही हैं। धीमी गति से काम के चलते न तो बेहतरीन उपकरण दिखाई दे रहे हैं और न ही सुविधाएं। यही नहीं सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर तो दूर—दूर तक दिखाई नहीं देते। इसको लेकर मरीजों में रोष व्याप्त है।

गौरतलब है कि भेल क्षेत्र के सोनागिरी स्थित बीमा अस्पताल अब श्रम एवं रोजगार मंत्रालय भारत सरकार के कर्मचारी राज्य बीमा निगम को हस्तांतरित कर दिया गया था। यह एक मात्र मॉडल अस्पताल के रूप में तैयार होना है। यहां सभी सुविधाएं इस अस्पताल में मौजूद हैं। इसके बाद भी इस पर पूरी तरह काम शुरू नहीं हो रहा है।

कर्मचारी राज्य बीमा अस्पताल
इसको लेकर राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने काफी प्रयास किये थे लेकिन यह प्रयास धरे के धरे रह गये । गौरतलब है कि यहां सिर्फ स्पेशलिस्ट डॉक्टर और अत्याधुनिक मशीनों की जरूरत है। यह सुविधा केंद्र सरकार को हस्तांतरित होने के बाद मिलना शुरू हो जानी थी। इसके आदेश 11 माह पहले मप्र शासन श्रम विभाग ने जारी कर दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा गोविंदपुरा आईटीआई में आयोजित एक कार्यक्रम में की गई घोषणा के पालन में मप्र शासन की प्रशासकीय अनुमोदन के अनुसार कर्मचारी राज्य सेवाएं मप्र इंदौर द्वारा संचालित सोनागिरी भोपाल स्थित इस अस्पताल को राज्य कर्मचारी बीमा निगम श्रम एवं रोजगार मंत्रालय भारत सरकार को हस्तांतरित करने का फैसला ले लिया। अभी तक यह अस्पताल मध्यप्रदेश सरकार के श्रम विभाग कर्मचारी राज्य बीमा निगम द्वारा संचालित किया जा रहा था। गौरतलब है कि प्रदेश में इस तरह का एकमात्र मॉडल अस्पताल सिर्फ इंदौर हैं जिसे भारत सरकार संचालित कर रही है। इस आदेश के बाद भोपाल एवं मंडीदीप के करीब 3.75 लाख बीमित श्रमिकों को लाभ मिलेगा। लेकिन यह आज भी मॉडल अस्पताल बनने के लिये तरस रहा है।

इनका कहना है
यदि इस मॉडल अस्पताल को बनाने में देरी हो रही है तो मैं दिल्ली जाकर केंद्र सरकार के मंत्री व अधिकारियों से मिलकर मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलें, इसके लिए बातचीत करुंगी। मैंने इस अस्पताल को सुपर स्पेशलिस्ट बनाने के लिए काफी मेहनत की थी, लेकिन लेटलतीफी क्यों हो रही है इसकी भी जांच करवाउंगी।
श्रीमती कृष्णा गौर, राज्य मंत्री

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