नई दिल्ली
अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को केंद्र के वक्फ संशोधन विधेयक के बारे में गलत प्रचार करने के लिए भगोड़े इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक की आलोचना की। कथित मनी लॉन्ड्रिंग और नफरत फैलाने वाले भाषण के लिए भारत में वांछित जाकिर नाइक ने एक वीडियो संदेश में दावा किया कि अगर संसद की तरफ से वक्फ संशोधन विधेयक पारित किया गया, तो मुसलमानों से हजारों मस्जिदें, मदरसे, कब्रिस्तान और लाखों एकड़ जमीन छीन ली जाएगी।
NDA सरकार को बताया था मुस्लिम विरोधी
नाइक ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए गठबंधन सरकार को ‘इस्लाम विरोधी’ और ‘मुस्लिम विरोधी’ करार दिया। साथ ही उसने दावा किया कि यह मुसलमानों की जमीन हड़पने की कोशिश कर रही है। जवाब में, किरेन रिजिजू ने जाकिर नाइक को ‘भारत विरोधी चरित्र’ करार दिया। साथ ही झूठे और फर्जी प्रचार करके जहर उगलने के लिए उसकी आलोचना की। किरेन रिजिजू ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि यह भारत विरोधी कैरेक्टर झूठे और फर्जी प्रचार करके जहर उगल रहा है और भारत में सांप्रदायिक अशांति पैदा करने की कोशिश कर रहा है। हमें ऐसे लोगों के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की जरूरत है।
किरेन रिजिजू बनाम जाकिर नाइक
इस सप्ताह की शुरुआत में, एक अलग पोस्ट में, नाइक ने वक्फ बिल के ‘बुरे नतीजों’ के बारे में चेतावनी दी थी। उसने अपने अनुयायियों से संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के समक्ष आपत्तियां प्रस्तुत करने का आग्रह किया था। इस पर रिजिजून ने पहले जवाब दिया था किकृपया हमारे देश के बाहर के निर्दोष मुसलमानों को गुमराह न करें। भारत एक लोकतांत्रिक देश है और लोगों को अपनी राय रखने का अधिकार है। झूठे प्रचार से गलत बयानबाजी होगी।
लोकसभा में पेश हुआ था विधेयक
वक्फ संशोधन विधेयक 8 अगस्त को लोकसभा में पेश किया गया था। बहस के बाद इस विधेयक संयुक्त संसदीय समिति को भेज दिया गया था। वहीं, सरकार ने कहा कि विधेयक का उद्देश्य मस्जिदों में हस्तक्षेप करना नहीं है। विपक्ष ने इसकी आलोचना करते हुए कहा कि यह मुसलमानों को निशाना बनाता है और संविधान पर हमला करता है। संयुक्त संसदीय समिति ने जनता, गैर सरकारी संगठनों, विशेषज्ञों, हितधारकों और संस्थानों से विचार और सुझाव मांगे हैं।
