नई दिल्ली,
भारत और बांग्लादेश के बीच दशकों से विवाद का केंद्र रहे तीस्ता नदी जल बंटवारे का मुद्दा सुलझाने को लेकर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने सकारात्मक संकेत दिए हैं. अंतरिम सरकार की एक सलाहकार ने बुधवार को कहा कि बांग्लादेश जल्दी ही भारत से साथ सीमा पार नदियों के जल बंटवारे पर बातचीत के लिए कदम उठाएगा.
बांग्लादेश की सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस की रिपोर्ट के अनुसार, एक कार्यक्रम में बोलते हुए अंतरिम सरकार की जल संसाधन सलाहकार सईदा रिजवाना हसन ने कहा कि बांग्लादेश जल्द ही भारत के साथ सीमा पार नदियों के जल बंटवारे पर पर बातचीत की कोशिश करेगा.उन्होंने कहा कि बातचीत जनता की राय पर विचार करने के बाद की जाएगी और बातचीत के नतीजों को लोगों के साथ साझा किया जाएगा.
रिजवाना ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नदियों का जल बंटवारा एक जटिल मुद्दा है, लेकिन जरूरी सूचनाओं का आदान-प्रदान राजनीतिक नहीं होना चाहिए.समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, उन्होंने कहा कि कोई देश वर्षा के आंकड़े और नदियों की स्थिति के बारे में जानकारी मांग सकता है. आंकड़ों के आदान-प्रदान से जान-माल की हानि को रोकने में मदद मिल सकती है.
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन सलाहकार रिजवाना ने कहा कि कोई देश ऐसे मुद्दों पर एकतरफा तरीके से अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में नहीं जा सकता बल्कि दोनों देशों को वहां जाना चाहिए.उन्होंने आगे कहा, ‘वर्षा के आंकड़े साझा करना एक मानवीय मुद्दा है. जीवन बचाने के लिए जरूरी आंकड़े दिए जाने चाहिए. बांग्लादेश ये बातें (अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में) स्पष्टता और दृढ़ता के साथ रखेगा.’
तीस्ता जल-बंटवारा विवाद को लेकर मोहम्मद यूनुस का रुख
इस महीने की शुरुआत में बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख डॉ. मोहम्मद यूनुस ने कहा था कि अंतरिम सरकार लंबे समय से लंबित तीस्ता जल बंटवारा संधि पर भारत के साथ मतभेदों को सुलझाने के तरीके तलाशेगी.उन्होंने कहा था, ‘इस मुद्दे (जल बंटवारे) पर बैठे रहने से कोई फायदा नहीं होगा. अगर मुझे पता हो कि मुझे कितना पानी मिलेगा, भले ही मैं उसकी मात्रा से खुश न भी होऊं और हस्ताक्षर कर दूं, तो भी यह बेहतर होगा. इस मुद्दे को सुलझाना होगा.’
