नई दिल्ली
दिल्ली नगर निगम यानी एमसीडी के स्थायी समिति की आखिर खाली सीट के लिए शुक्रवार को वोटिंग हुई। इसमें बीजेपी उम्मीदवार सुंदर सिंह तंवर ने बाजी मार ली है। उन्होंने दिल्ली MCD की स्थायी समिति की आखिरी सीट जीत ली है। इस चुनाव से पहले दिल्ली में काफी सियासी ड्रामा देखने को मिला। सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) के पार्षद जहां मतदान प्रक्रिया से दूर रहे, वहीं कांग्रेस पार्षद भी एमसीडी सदन में मौजूद नहीं थे। बीजेपी कैंडिडेट सुंदर सिंह को 115 वोट मिले, जबकि AAP उम्मीदवार निर्मला कुमारी को एक भी वोट नहीं मिला।
पैनल में बीजेपी से पिछड़ी आप
स्थायी समिति एमसीडी की निर्णय लेने वाली सर्वोच्च इकाई है। इस जीत के साथ, बीजेपी के पास अब पैनल में 10 सदस्य हो गए हैं, जबकि सत्ताधारी AAP के पास केवल आठ सदस्य ही हैं। यह सीट उस समय खाली हुई थी जब बीजेपी पार्षद कमलजीत सहरावत इस साल हुए लोकसभा चुनावों में पश्चिमी दिल्ली से सांसद चुन ली गईं थीं। यह पहली बार था जब चुनाव AAP और कांग्रेस पार्षदों की उपस्थिति के बिना हुआ।
आप कैंडिडेट को मिले 0 वोट
MCD स्थायी समिति की एकमात्र रिक्त सीट के लिए चुनाव आम आदमी पार्टी (AAP) की ओर से कड़ी आपत्ति के बाद हुए। मतदान की प्रक्रिया अतिरिक्त आयुक्त जितेंद्र यादव की उपस्थिति में हुआ, जिन्हें मेयर और डिप्टी मेयर की गैरहाजिरी में पीठासीन अधिकारी बनाया गया था। दिल्ली की मेयर शैली ओबरॉय ने MCD आयुक्त को 5 अक्टूबर को स्थायी समिति के छठे सदस्य के लिए चुनाव कराने का निर्देश दिया था। अब अचानक चुनाव होने पर AAP ने इसमें हिस्सा लेने से इनकार कर दिया।
दिल्ली की मेयर ने चुनाव पर उठाए सवाल
इससे पहले, मेयर शैली ओबराय ने चुनाव प्रक्रिया पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि दोपहर 1 बजे चुनाव कराने के लिए जारी किया गया आदेश अवैध और असंवैधानिक है। उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली के उपराज्यपाल को सदन के कामकाज में दखल देने का अधिकार नहीं होना चाहिए। शैली ओबराय ने इस चुनाव पर सवाल उठाए। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि आप पार्षद चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे।
