नई दिल्ली,
इजरायल के लिए एक बात हमेशा से चली आ रही है कि ये अपने दुश्मनों को कभी नहीं छोड़ता. उन्हें पूरी तरह बर्बाद करने के लिए किसी भी हद से आगे चला जाता है. हिज्बुल्लाह के सफाए को लेकर भी इजरायल इसी नीति पर आगे बढ़ रहा है. 25 अगस्त को हिज्बुल्लाह चीफ हसन नसरल्लाह जब इजरायल को धमका रहा था तो शायद ये नहीं जानता था कि उसके पास गिनती के दिन बचे हैं. इजरायल की सेना उसे बेरूत स्थित उसी के हेडक्वार्टर में मार गिराया.
हिज्बुल्लाह चीफ की मौत सुनिश्चत करने के लिए इजरायल ने कोई कसर नहीं छोड़ी. जिस इमारत के नीचे तहखाने में नसरल्लाह छुपा था, उस इमारत पर 80 टन बम गिराए. एक-एक टन के 80 बम गिरे तो ये इमारत जमींदोज हो गई और नसरल्लाह ढेर हो गया. इजरायल ने नसरल्लाह को ढेर करने वाली अपनी टीम का ऑडियो संदेश जारी किया है, जिसमें हिज्बुल्लाह के हेडक्वार्टर पर बम गिराने से पहले इजरायली फाइटर पायलट ये कहते हुए सुना जा सकता है कि हम अपने दुश्मन को कहीं भी ढूंढ निकालेंगे.
नसरल्लाह की मौत के बाद ईरान बौखलाया हुआ है. ईरान ने इस्लामिक देशों के संगठन OIC की बैठक भी बुलाई है. साथ ही इजरायल को बदला लेने की धमकी भी दी है. ईरान ने हिज्बुल्लाह चीफ नसरल्लाह की मौत पर 5 दिन का शोक घोषित किया है. लेकिन अब सवाल यही है कि ईरान सीधे इजरायल के खिलाफ जंग में उतरेगा या फिर ट्रिपल ‘H’ यानी हमास, हूती और हिज्बुल्लाह का ही सहारा लेकर इजरायल पर चौतरफा हमला करेगा?इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच भारी बमबारी का दौर जारी है.
सीधे युद्ध में शामिल नहीं होगा ईरान?
रक्षा विशेषज्ञ रिटायर्ड मेजर एके सिवाच की मानें तो नसरल्लाह की मौत के बाद ईरान बौखलाया हुआ है. ऐसे में युद्ध के बढ़ने की आशंका है. हालांकि ईरान के इस युद्ध में अभी भी सीधे तौर पर शामिल होने पर संशय है. कारण, अगर ईरान इस युद्ध में सीधे कूदता है तो इसमें अमेरिका को भी हस्तक्षेप करना होगा और इजरायल की मदद को आगे आना होगा. ऐसे में ईरान आगे भी हमास, हूती और हिज्बुल्लाह की आड़ में युद्ध लड़ता रहेगा और इन तीनों संगठनों को पीछे से हथियार व अन्य मदद देता रहेगा. हालांकि इजरायल ने लगभग 1 साल से चल रहे युद्ध में हमास के करीब 70 फीसदी लड़ाकों को खत्म कर दिया है.
हिज्बुल्लाह को तबाह करने में जुटा इजरायल
ऐसे में इजरायल के सामने ज्यादा चुनौती हिज्बुल्लाह है. कारण, हिज्बुल्लाह बड़ा संगठन है और इसकी ताकत बाकी दोनों संगठनों से अधिक है. इजरायल इस संगठन को भी हमास की तरह कमजोर करने में जुटा है. यही कारण है कि इजरायल अब तक हिज्बुल्लाह के टॉप लीडर नसरल्लाह समेत कुल 10 कमांडरों को मार चुका है. सिर्फ एक ही अब जिंदा बचा है, जिसे इजारयल खोज रहा है. वहीं इससे पहले इजरायल ने हिज्बुल्लाह पर पेजर अटैक करके इसकी कमर तोड़ने का काम किया. अब इसके हथियार के गोदामों को टारगेट करके तबाह करने में इजरायली सेना जुटी है. अभी हूती की तरफ इजरायल उतना ध्यान नहीं दे रहा है.
