8.9 C
London
Wednesday, April 1, 2026
Homeराष्ट्रीयजहरीली हवा को हल्के में लेने की भूल मत कीजिए, सरकार भी...

जहरीली हवा को हल्के में लेने की भूल मत कीजिए, सरकार भी है टेंशन में! ये चेतावनी पढ़ लीजिए

Published on

नई दिल्ली

दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई इलाकों में हवा जहरीली हो गई है। इसलिए सतर्कता नहीं बरते तो सेहत पर बहुत बुरा असर हो सकता है। यही वजह है कि केंद्र सरकार ने भी लोगों से सावधानियां बरतने की अपील की है। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के महानिदेशक डॉ. अतुल गोयल ने सभी को हवा की खराब क्वॉलिटी को लेकर चेतावनी दी है। उन्होंने बताया है कि कैसे हवा प्रदूषण सेहत के लिए बहुत बड़ा खतरा बनता जा रहा है, खासकर आने वाले त्योहारों और सर्दियों के मौसम में।

देश के कई इलाकों में खराब हुई हवा
डॉ. गोयल के मुताबिक, देश के कई हिस्सों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) पहले से ही ‘मध्यम’ से ‘खराब’ श्रेणी में पहुंच गया है। त्योहारों और सर्दियों में प्रदूषण बढ़ने की आशंका है, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। वायु प्रदूषण सांस, दिल और दिमाग से जुड़ी बीमारियों का एक बड़ा कारण है। यह पुरानी बीमारियों को और भी बदतर बना सकता है और असमय मौत का खतरा बढ़ा सकता है।

बच्चें, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग, पहले से बीमार लोगों के साथ-साथ ट्रैफिक पुलिस और सफाई कर्मचारी जैसे लोग प्रदूषण के खतरों के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं। डॉ. गोयल ने अपनी चिट्ठी में इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए सभी राज्य सरकारों के स्वास्थ्य विभागों और अस्पतालों से तैयारी बढ़ाने का आग्रह किया है।

उन्होंने जन जागरूकता अभियान चलाने, क्षेत्रीय भाषाओं में मीडिया के जरिए जरूरी जानकारी देने, स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित करने और वायु प्रदूषण से जुड़ी बीमारियों की निगरानी प्रणाली को मजबूत बनाने पर जोर दिया है। डॉ. गोयल ने अपनी चिट्ठी में कहा, ‘इस समय लोगों को हवा की गुणवत्ता को और खराब होने से बचाने के तरीकों के बारे में जागरूक करना बेहद जरूरी है।’

क्या करें, क्या नहीं जान लें पूरी बात
उन्होंने पराली और कचरा जलाने से बचने, त्योहारों के दौरान पटाखे कम जलाने, डीजल-पेट्रोल वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने, डीजल जनरेटर के कम से कम उपयोग और धूम्रपान छोड़ने जैसे उपायों पर जोर दिया।

डॉ. गोयल का सुझाव है कि लोग घर से बाहर निकलने से पहले सरकारी मोबाइल ऐप के जरिए हवा की गुणवत्ता (एक्यूआई) की जांच करें। भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें और घर में खाना पकाने, रोशनी और गर्मी के लिए स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल करें।खासकर बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और सांस एवं दिल की बीमारी वाले लोग खेलकूद जैसी बाहरी गतिविधियों से बचें।अगर किसी को वायु प्रदूषण के कारण कोई परेशानी या लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

Latest articles

भेल के प्रेस शॉप में ठेका मजदूर घायल

भेल कारखाने के प्रेस शॉप में एक दुर्घटना हो गई है जिसमें एक ठेका...

एक जिला एक उत्पाद’ नीति से राजस्थान के स्थानीय उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने...

मानव संसाधन विभाग की ई-पत्रिका ‘आभास’ अंक-05 का विमोचन

भोपाल मानव संसाधन विभाग की ई-पत्रिका आभास के अंक-05 का विमोचन महाप्रबंधक (मानव संसाधन) ठाकुर...

एक अप्रैल से ‘स्कूल चलें हम’ अभियान की शुरुआत

भोपाल मप्र में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत 1 अप्रैल से स्कूल चलें हम...

More like this

युवा विधायक सम्मेलन में जुटे दिग्गज, ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प पर हुआ मंथन

भोपाल मध्यप्रदेश विधानसभा में आयोजित दो दिवसीय 'युवा विधायक सम्मेलन' के दूसरे दिन संसदीय गरिमा...

1 अप्रैल से जेब पर बढ़ेगा बोझ: नेशनल हाईवे पर सफर होगा 5 से 10% तक महंगा

आने वाली 1 अप्रैल से नेशनल हाईवे पर सफर करना आपकी जेब पर भारी...