— सांसद आलोक शर्मा ने संसदीय स्थायी समिति की बैठक में दिया सुझाव
भोपाल।
प्रदेश की राजधानियों का विकास राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की तर्ज पर किया जाना चाहिए। इस प्रस्ताव को भोपाल के सांसद आलोक शर्मा ने आवास एवं शहरी मामलों की संसदीय स्थायी समिति की बैठक में रखा। यह बैठक संसद भवन परिसर में चेयरमैन एम श्रीनिवासुलु रेडडी की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी। सांसद शर्मा ने समिति के समक्ष सुझाव दिया कि देश की तमाम राजधानियों का भौगोलिक और जनसंख्यात्मक स्वरूप अलग होने के कारण उनके विकास के लिए एक अलग मॉडल तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि जैसे दिल्ली का विकास एनसीआर मॉडल के तहत किया गया है, वैसे ही प्रदेशों की राजधानियों के लिए विकसित किया जाना चाहिए।
विकास के लिए अलग से योजनाएं जरूरी
सांसद ने कहा कि राज्य की राजधानियां, अन्य शहरों, कस्बों या जिलों से अलग होती हैं, इसलिए उनके विकास के लिए अलग से योजनाएं बनाना जरूरी हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि भोपाल, जयपुर, लखनऊ, रायपुर, रांची, पटना जैसी सभी राज्य राजधानियों के लिए एक विशष्टि योजना तैयार कर उन्हें स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।
वर्तमान योजनाओं की समीक्षा
बैठक में केंद्र सरकार द्वारा संचालित अमृत योजना, स्वच्छ भारत मिशन, स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं की समीक्षा की गई। सांसद शर्मा के सुझाव से उम्मीद है कि राज्य की राजधानियों को भी एनसीआर की तरह व्यवस्थित विकास योजनाओं का लाभ मिलेगा।
