9.4 C
London
Wednesday, April 1, 2026
Homeराष्ट्रीयअगले साल शुरू हो सकता है जनगणना का काम, संप्रदाय को लेकर...

अगले साल शुरू हो सकता है जनगणना का काम, संप्रदाय को लेकर भी पूछे जाएंगे सवाल

Published on

नई दिल्ली

केंद्र सरकार की तरफ से जनगणना कराए जाने को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार चार साल की देरी के बाद 2025 में जनगणना शुरू करने जा रही है। इस जनगणना के आंकड़े साल 2026 में जारी किए जा सकते हैं। आमतौर पर हर दस साल में होने वाली जनगणना 2021 के लिए तय थी, लेकिन कोराना महामारी की वजह से इसे टालना पड़ा था। जनगणना के बाद लोकसभा सीटों का परिसीमन शुरू होगा और यह प्रक्रिया 2028 तक पूरी होने के आसार हैं।

अब जनगणना के चक्र में भी बदलाव की उम्मीद है। अब हर 10 साल में होने वाली जनगणा अगली बार 2035 में होगी। अभी तक जो चक्र था उसमें हर 10 साल में होने वाली जनगणना दशक के शुरुआत में होती आई थी जैसे 1991, 2001 और 2011। हालांकि, अब 2025 के बाद अगली जनगणना 2035, 2045, 2055 में होगी।

संप्रदाय को लेकर भी किया जाएगा सवाल
कुछ राजनीतिक दलों द्वारा जाति जनगणना की मांग के बावजूद फिलहाल सरकार की जाति जनगणना की इजाजत देने की कोई प्लानिंग नहीं है। जब जनगणना होती है तो धर्म और वर्ग के बारे में सवाल किया जाता है। जनरल, एससी और एसटी कैटेगरी की भी गणना होती है। इस बार लोगों से यह भी सवाल किया जा सकता है कि वे किस संप्रदाय के अनुयायी हैं। उदाहरण के तौर पर कर्नाटक में सामान्य वर्ग में आने वाले लिंगायत खुद को अलग संप्रदाय का मानते हैं।

कांग्रेस, आरजेडी और कई अन्य दल जाति जनगणना की मांग काफी टाइम से कर रहे हैं। बिहार में जेडीयू जैसे बीजेपी के गठबंधन सहयोगियों ने भी इस बारे में बात की है, लेकिन केंद्र पर कोई दबाव नहीं डाला है। केंद्रीय स्तर पर आखिरी फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके मंत्रिमंडल पर छोड़ दिया गया है। बीजेपी की दूसरी सहयोगी तेलुगु देशम पार्टी भी इस बात पर सहमत है कि जनगणना होनी चाहिए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी जाति जनगणना के पक्ष में है, लेकिन उन्होंने कहा कि इसका राजनीतिक फायदा लेने की कोशिश ना की जाए।

उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा आबादी वाला राज्य
2011 के आंकड़ों के अनुसार, भारत की जनसंख्या 121.1 करोड़ है, जिसमें 52 प्रतिशत पुरुष और 48 प्रतिशत महिलाएं हैं। इस जनगणना के दौरान ही भारत के इतिहास में पहली बार ट्रांसजेंडर की संख्या को भी ध्यान में रखा गया था। उत्तर प्रदेश लगभग 20 करोड़ लोगों के साथ सबसे ज्यादा आबादी वाला राज्य है और लिस्ट में दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र है जिसकी आबादी 11 करोड़ से ज्यादा है। लगभग छह लाख के साथ सिक्किम सबसे कम आबादी वाला राज्य है।

Latest articles

भेल के प्रेस शॉप में ठेका मजदूर घायल

भेल कारखाने के प्रेस शॉप में एक दुर्घटना हो गई है जिसमें एक ठेका...

एक जिला एक उत्पाद’ नीति से राजस्थान के स्थानीय उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने...

मानव संसाधन विभाग की ई-पत्रिका ‘आभास’ अंक-05 का विमोचन

भोपाल मानव संसाधन विभाग की ई-पत्रिका आभास के अंक-05 का विमोचन महाप्रबंधक (मानव संसाधन) ठाकुर...

एक अप्रैल से ‘स्कूल चलें हम’ अभियान की शुरुआत

भोपाल मप्र में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत 1 अप्रैल से स्कूल चलें हम...

More like this

युवा विधायक सम्मेलन में जुटे दिग्गज, ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प पर हुआ मंथन

भोपाल मध्यप्रदेश विधानसभा में आयोजित दो दिवसीय 'युवा विधायक सम्मेलन' के दूसरे दिन संसदीय गरिमा...

1 अप्रैल से जेब पर बढ़ेगा बोझ: नेशनल हाईवे पर सफर होगा 5 से 10% तक महंगा

आने वाली 1 अप्रैल से नेशनल हाईवे पर सफर करना आपकी जेब पर भारी...