नई दिल्ली
दिल्ली में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, लेकिन उससे पहले शह-मात का खेल जारी है। कुछ दिन पहले आम आदमी पार्टी के कुछ पार्षद भाजपा में शामिल हुए थे। इसी बीच अब अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी को जोरदार झटका दिया है। पार्टी के सीनियर लीडर और तीन बार के विधायक ब्रह्म सिंह तंवर ने AAP का दामन थाम लिया है।
आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी में ब्रह्म सिंह तंवर ने गुरुवार (31 अक्टूबर) दिवाली के दिन AAP का दामन थामा। इस मौके पर तंवर ने कहा कि वह अरविंद केजरीवाल की कार्यशैली से प्रभावित हैं और इसलिए उन्होंने आम आदमी पार्टी का दामन थामा है। वहीं, अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ब्रह्म सिंह तंवर करीब पिछले 50 साल से अलग-अलग तरह से दिल्ली के लोगों की सेवा करते रहे हैं। उनका दिल्ली के विकास में काफी योगदान रहा है। उनके आम आदमी पार्टी में आने से नई ऊर्जा मिलेगी। साथ ही दिल्ली के विकास को और गति मिलेगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस दौरान अरविंद केजरीवाल से जब यह सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हम तो चुनाव के लिए हमेशा तैयार हैं। मुझे लगता है इस बार भी बहुमत से आम आदमी पार्टी की सरकार बनेगी। हम तो अपने काम पर वोट बांटते हैं। उन्होंने कहा कि तंवर जी जैसे नेता के आप में शामिल होने से साफ है कि हमारी पार्टी का राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार हो रहा है। हमारी विचारधारा से लोग प्रभावित हो रहे हैं।
ब्रह्म सिंह तंवर ने क्यों छोड़ी बीजेपी?
आप में शामिल हुए ब्रह्म सिंह तंवर ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि मैंने बचपन से लेकर अब तक पूरे क्षेत्र की सेवा की है। मैं पूर्ण रूप से पूरे मन से आज आम आदमी पार्टी में जुड़ा हू्ं। मैं केजरीवाल जी का धन्यवाद करता हूं। बहुत लोग हैं जो आप ज्वॉइन करेंगे। बहुत से कार्यकर्ता हैं जो आम आदमी पार्टी में कदम से कदम मिलाकर काम करने को तैयार हैं।
भाजपा के पूर्व विधायक ब्रह्म सिंह तंवर ने ये भी कहा मैंने पिछले दिनों में आम आदमी पार्टी काम देखा। जब मैं नाबालिग था, तब से बीजेपी में काम किया। अब मुझे लगा कि मैं आम आदमी पार्टी में रहकर अच्छा काम कर पाऊंगा, इसलिए मैं केजरीवाल जी से मिला तो मुझे लगा कि मैंने यहां काम करने की इच्छा व्यक्त की। मुझे केजरीवाल जी ने साथ दिया, इसका आभार।
ब्रह्म सिंह तंवर छतरपुर से लड़ सकते चुनाव
भाजपा की स्थापना से अब तक तंवर लगातार पार्टी के सदस्य रहे हैं। 1975 में ‘आपातकाल के दौरान ब्रह्म सिंह तंवर जेल जा चुके हैं। तंवर ने 1977 में पहला चुनाव लड़ा था और निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल कर निगम पार्षद बने थे। इस तरह ब्रह्म सिंह तंवर तीन बार विधायक और तीन बार पार्षद रह चुके हैं। ब्रह्म सिंह तंवर 1993 और 1998 में महरौली से और 2013 में छत्तरपुर से विधानसभा विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। ऐसी संभावना है कि ब्रह्म सिंह तंवर छतरपुर से ‘आप’ के टिकट से चुनाव लड़ सकते हैं। छतरपुर से मौजूदा विधायक करतार सिंह तंवर ने हाल ही में ‘आप’ छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया था।
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