नई दिल्ली,
संसद के चालू शीतकालीन सत्र के छठे दिन भी हंगामा जारी रहा. संसद् के दोनों सदनों में कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्य हंगामा और नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए. हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा, दोनों ही सदनों की कार्यवाही पहले दोपहरण 12 बजे तक और फिर दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई. राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित होने से पहले सभापति जगदीप धनखड़ ने विपक्ष के हंगामे को मर्फी के नियम से जोड़ दिया.
राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने पर सभापति जगदीप धनखड़ ने नेता सदन जेपी नड्डा को जन्मदिन की बधाई दी. जेपी नड्डा को जन्मदिन की बधाई देने के बाद सभापति ने सदस्यों से आज की कार्यसूची में अपने नाम के आगे अंकित प्रपत्र सदन पटल पर रखने के लिए कहा. इसके बाद सभापति ने अलग-अलग विषयों पर स्थगन प्रस्ताव के 20 नोटिस मिलने की जानकारी दी और कहा कि इनमें से किसी भी नोटिस को अनुमति नहीं दी गई है. इस पर विपक्ष के सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी.
सभापति धनखड़ ने कहा कि सभी सदस्य मर्फी के नियम से परिचित होंगे जिसका आशय है कि जो कुछ भी गलत हो सकता है, वह गलत होगा. उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि इस उच्च सदन में मर्फी के नियम को साकार करने के लिए एक एल्गोरिदम जानबूझकर बनाया गया है जिससे संसद के सुचारू कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है. सभापति ने कहा कि हम स्वयं वही कर रहे हैं जो हमारे संविधान के मुताबिक अपेक्षित नहीं है.
उन्होंने कहा कि संविधान के निर्माताओं और उन असंख्य देशभक्तों, जिन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया, उनके प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए सदन से आग्रह करता हूं कि आज की कार्यसूची में सूचीबद्ध कार्यों को आगे बढ़ाने की अनुमति दें. सभापति के इतना कहते ही विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी. अडानी मुद्दे पर विपक्ष के सदस्य नारेबाजी करने लगे.
विपक्ष की नारेबाजी के बीच सभापति ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी. दोपहर 12 बजे जब सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई, विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया. सभापति ने हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी. लोकसभा में भी विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही नहीं चल सकी.
विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. दोपहर 12 बजे जब सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई, पीठासीन संध्या राय ने कहा कि कुछ विषयों पर स्थगन प्रस्ताव के नोटिस मिले हैं. स्पीकर ने इनमें से किसी भी नोटिस को मंजूरी नहीं दी है. हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही भी 3 दिसंबर को दिन में 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. कार्यवाही स्थगित होने के पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सदन में आईआईटी काउंसिल के लिए दो सदस्यों के मनोनयन का प्रस्ताव रखा जिसे सदन ने मंजूरी दे दी.
