नई दिल्ली
संसद में इंदिरा गांधी के नाम पर हंगामा हो गया. बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने इंदिरा गांधी का जिक्र करते हुए एक केस का उल्लेख किया जिसके बाद विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया. विपक्षी सदस्यों ने पॉइंट ऑफ ऑर्डर रेज करते हुए चेयरमैन हाय-हाय के नारे लगाए. इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के इस व्यवहार की आलोचना की और कहा कि चेयर पर इस तरह की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए. संसदीय कार्य मंत्री ने इस नारे का जिक्र करते हुए कहा कि चेयर को लेकर टिप्पणी नहीं करना चाहिए. स्पीकर ने इंदिरा गांधी को लेकर टिप्पणी वाला भाग रिकॉर्ड से हटाने की बात कही और इस दौरान इंदिरा गांधी को लेकर अटल बिहारी वाजपेयी की टिप्पणी पुष्टि के बाद ही रिकॉर्ड में जाने देने की बात कही. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि संबित पात्रा की स्पीच का भाग हटा दें लेकिन क्या गौरव गोगोई के संबोधन का भी भाग हटेगा जो रूल 94 के दायरे से बाहर था.
बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान इंदिरा सरकार के समय नागरवाला केस का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने जब सत्ता संभाली, बैंकिंग सेक्टर वेंटिलेटर पर था. पीएम मोदी उसे पटरी पर लेकर आए. मोदी सरकार ने बैंकिंग सेक्टर में सुधार किए. विपक्ष ने इस पर पॉइंट ऑफ ऑर्डर रेज किया.
मेजर निवेश सार्वजनिक करें बैंक- गौरव गोगोई
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने बैंकिंग संशोधन विधेयक के विपक्ष में बोलते हुए कहा कि बैंकिंग नियमों में बदलाव कर ये भी अनिवार्य किया जाए कि वे अपने मेजर इन्वेस्टमेंट सार्वजनिक करें. यह जानने का अधिकार उपभोक्ताओं को है. उन्होंने पीएम मोदी के एक हैं तो सेफ हैं नारे का भी उल्लेख किया.
गौरव गोगोई के बयान पर संसद में हंगामा
बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस की ओर से बोलने के लिए खड़े हुए गौरव गोगोई ने नोटबंदी से लेकर जीएसटी तक, सरकार के कदम गिनाए और पीएम मोदी के एक हैं तो सेफ हैं नारे को एक उद्योगपति को फायदा पहुंचाने से जोड़ दिया. इस पर संसद में हंगामा हो गया है. ट्रेजरी बेंच के सदस्यों ने गौरव गोगोई के बयान पर हंगामा कर दिया. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि गौरव गोगोई तीसरी बार के सांसद हैं. हम आपको बोलने से रोक नहीं सकते. लेकिन आप बिल पर बोलिए. आप तीसरी बार के सांसद हैं. आपको ये जानना चाहिए. बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने गौरव गोगोई के बयान को रूल 94 का उल्लंघन बताते हुए आसन से आग्रह किया कि आप गौरव जी से कहिए कि वे बिल के सपोर्ट या विरोध में बोलेंगे. आसन ने भी गौरव गोगोई को बिल के पक्ष या विपक्ष में बोलने के लिए निर्देशित किया.
नई दिल्ली,
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को चीन मुद्दे पर संसद में बयान दिया. विदेश मंत्री एस जयशंकर को चीन मुद्दे पर सोमवार को ही संसद में बयान देना था लेकिन लोकसभा की कार्यवाही नहीं चल सकी थी. गतिरोध के कारण सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित हो गई थी. मंगलवार को लोकसभा में भोजनावकाश के बाद जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, स्पीकर ओम बिरला ने विदेश मंत्री एस जयशंकर का नाम लिया. विदेश मंत्री ने संसद में टाइमलाइन के साथ चीन के साथ जारी तनातनी को लेकर जानकारी दी और बताया कि सीमा पर अब हालात सामान्य हैं.
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि सदन को भारत-चीन सीमा पर हाल के घटनाक्रमों और द्विपक्षी संबंधों पर उनके प्रभाव की जानकारी देने के लिए खड़ा हुआ हूं. उन्होंने कहा कि सदन को इस बात की जानकारी है कि साल 2020 से हमारे संबंध सामान्य नहीं रहे हैं. विदेश मंत्री ने कहा कि सदन इस तथ्य से भी अवगत है कि 1962 के संघर्ष और उससे पहले की घटना के परिणामस्वरूप चीन ने अक्साई चिन में 38 हजार वर्ग किलोमीटर भारतीय क्षेत्र पर अवैध कब्जा कर रखा है. पाकिस्तान ने 1963 में अवैध रूप से 5180 वर्ग किलोमीटर भारतीय भूभाग चीन को सौंप दिया था जो 1948 से उसके कब्जे में था.
उन्होंने कहा कि चीन के साथ सीमा विवाद सुलझाने के लिए दशकों से बातचीत हुई है. हम सीमा विवाद सुलझाने के लिए निष्पक्ष, उचित और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य निष्कर्ष तक पहुंचने के प्रतिबद्ध हैं. विदेश मंत्री ने कहा कि सीमा पर दोनों देशों की सेना का आमना-सामना होने का भी जिक्र किया और कहा कि इसकी वजह से पैट्रोलिंग में भी बाधा आई. उन्होंने दावा किया कि एलएसी पर हालात अब सामान्य हैं लेकिन हमारी सेना भी मुस्तैद है. सीमा पर शांति के लिए साझा प्रयास जारी हैं. सीमा पर शांति से ही रिश्ते अच्छे होंगे. गतिरोध दूर करने के लिए बातचीत जारी है.
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सरकार के प्रयास गिनाते हुए कहा क
