नई दिल्ली
संसद में पक्ष और विपक्ष के बीच में लगातार हंगामा जारी है। इसी बीच अब एक और नया विवाद सामने आया है। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि मैं सदस्यों को जानकारी देना चाहता हूं कि कल सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद नियमित जांच के दौरान सुरक्षा अधिकारियों ने सीट संख्या 222 से नोटों की एक गड्डी बरामद की। यह सीट वर्तमान में तेलंगाना राज्य से निर्वाचित अभिषेक मनु सिंघवी को आवंटित है। यह मामला मेरे संज्ञान में लाया गया और मैंने सुनिश्चित किया कि जांच हो और यह चल रही है। इस मामले पर अब भारतीय जनता पार्टी विपक्ष पर हमलावर है।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, ‘नियमित प्रोटोकॉल के अनुसार सदन की कार्यवाही और कार्यवाही को खत्म करने के लिए एंटी-सैबोटेज टीम ने सीटों की जांच की। जांच के दौरान ही नोट बरामद किए गए हैं और सीट नंबर को डिक्रिप्ट किया गया और सदस्यों ने उस दिन साइन भी किए। मुझे समझ में नहीं आता कि इस बात पर आपत्ति क्यों होनी चाहिए कि अध्यक्ष को सदस्य का नाम नहीं लेना चाहिए। अध्यक्ष ने सीट नंबर और उस विशेष सीट नंबर पर बैठने वाले सदस्य का सही नाम बताया है। इसमें क्या गलत है? इस पर आपत्ति क्यों होनी चाहिए?’
किरेन रिजिजू ने आगे कहा, ‘क्या आपको नहीं लगता कि जब हम डिजिटल इंडिया की ओर बढ़ रहे हैं, तो सदन में नोटों का बंडल ले जाना उचित है? हम सदन में नोटों का बंडल नहीं ले जाते। मैं अध्यक्ष की इस टिप्पणी से पूरी तरह सहमत हूं कि इसकी गंभीर जांच होनी चाहिए और सदस्यों द्वारा उठाई गई चिंताएं भी बहुत वास्तविक हैं।’
अभिषेक मनु सिघंवी ने मामले पर क्या कहा
कांग्रेस पार्टी के सांसद और वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिघंवी ने मामले पर कहा, ‘अभी तक इसके बारे में नहीं सुना था। मैं जब भी राज्यसभा जाता हूं तो 500 रुपये का नोट साथ लेकर जाता हूं। मैंने इसके बारे में पहली बार सुना। मैं 12.57 बजे सदन में पहुंचा और सदन 1 बजे उठा, फिर मैं 1.30 बजे तक कैंटीन में बैठा और फिर संसद से चला गया।
