इस्लामाबाद
पाकिस्तान की एयरफोर्स ने मंगलवार रात अफगानिस्तान में हवाई हमले किए हैं। पाकिस्तान ने कहा है कि उसने आतंकी गुट टीटीपी के ठिकानों को निशाना बनाते हुए ये हमले किए। वहीं अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने हमलों में आम लोगों की मौत होने का दावा करते हुए कड़ी नाराजगी जताई है। अफगानिस्तान सरकार ने इन हमलों का बदला लेने की बात कही है और बॉर्डर पर हलचल भी बढ़ा दी है। अफगानिस्तान ने पाकिस्तान सीमा पर टैंक और दूसरे खतरनाक हथियारों की तैनाती बढ़ा दी है।
काबुल फ्रंटलाइन ने बताया है कि पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच तालिबान सरकार ने सीमावर्ती इलाकों में भारी हथियार तैनात किए हैं। भारी और विमान भेदी हथियार सीमा की तरफ भेजे जा रहे हैं। हथियारों की तैनाती अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री मुहम्मद याकूब मुजाहिद की पाकिस्तान को चेतावनी जारी करने के बाद की जा रही है। याकूब मुजाहिद ने स्पष्ट कहा है कि पाकिस्तान के हवाई हमलों को नजरअंदाज ना करते हुए इसका कड़ा जवाब दिया जाएगा।
Islamic Emirate Deploys Heavy Weaponry to Border Areas Amid Rising Tensions with Pakistan
The Islamic Emirate of Afghanistan has mobilized heavy and anti-aircraft weaponry toward the border regions. This comes after the Defense Minister of Afghanistan Mawlavi Muhammad Yaqoob… pic.twitter.com/KHo7VMokl5
— Kabul Frontline (@KabulFrontline) December 25, 2024
पाकिस्तान को जवाब देगा अफगानिस्तान!
एक्सपर्ट का मानना है कि अफगान तालिबान की ओर से पाकिस्तान के हमलों के जवाब में कड़ी प्रतिक्रिया हो सकती है। तालिबान का एक धड़ा भी ये मानता है कि पाकिस्तान पर कड़ी जवाबी कार्रवाई आगे के हमलों से बचाव का काम कर सकती है। इस सबसे पाकिस्तान और अफगानिस्तान सीमा पर तनाव बढ़ गया है। फिलहाल दुनिया की नजर अफगान तालिबान के अगले कदम पर टिकी हुई है।
पाकिस्तान की सेना ने मंगलवार रात को दक्षिण वजीरिस्तान के पास पक्तिका प्रांत के बरमल जिले में हमले किए हैं। पाकिस्तान का कहना है कि उसकी सेना ने हमले टीटीपी (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) के ठिकानों पर किए हैं, जो पाकिस्तान में बार-बार आतंकी हमले कर रहा है और अफगानिस्तान में पनाह पा रहा है। इन हवाई हमलों को पाकिस्तान सेना के अज्म-ए-इस्तेकाम अभियान का हिस्सा भी बताया जा रहा है।
अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने कहा है कि इन हमलों में आम लोगों को निशाना बनाया गया। हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत कई शरणार्थी मारे गए, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। इस्लामाबाद स्थित एक सुरक्षा विश्लेषक ने कहा है कि पाकिस्तानी एयरफोर्स ने पिछले कुछ वर्षों में अफगानिस्तान में टीटीपी के ठिकानों पर कम से कम चार दफा हवाई हमले किए हैं, जिसमें एक इसी साल में मार्च में किया अटैक भी है।
