नई दिल्ली:
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले महीने कार्यभार संभालेंगे। उससे पहले चीन के हैकर्स ने अमेरिका के ट्रेजरी डिपार्टमेंट के सिस्टम्स में सेंध लगाकर कई अहम दस्तावेज उड़ा लिए हैं। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक चाइनीज स्पॉन्सर्ड हैकर ने एम्प्लॉयी वर्कस्टेशन और गोपनीय दस्तावेजों को हैक कर लिया। यह हैकिंग इस महीने की शुरुआत में हुई थी। ट्रेजरी विभाग ने एक पत्र लिखकर सांसदों को इसकी जानकारी दी है। विभाग ने इस बड़ी घटना बताते हुए कहा कि इस मामले की जांच के लिए एफबीआई और दूसरी एजेंसियों की मदद ली जा रही है।
हालांकि वॉशिंगटन में चीनी दूतावास के एक प्रवक्ता ने कहा कि उनके देश पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं और अमेरिका के पास इसका कोई सबूत नहीं है। ट्रेजरी विभाग ने सांसदों को लिखी चिट्ठी में कहा है कि चीनी हैकर ने एक थर्ड पार्टी सर्विस प्रोवाइडर BeyondTrust द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली एक की के जरिए सिक्योरिटी ब्रीच की है। यह सर्विस प्रोवाइडर कर्मचारियों को रिमोट टेक्निकल सपोर्ट मुहैया करता है। इस घटना के बाद BeyondTrust को ऑफलाइन कर दिया गया है। हालांकि ट्रेजरी विभाग में इस बात का खुलासा नहीं किया कि हैकर्स ने किस तरह की फाइलों को उड़ाया है।
चीन के हैकर्स का हाथ
चीनी हैकिंग के असर का पता लगाने के लिए ट्रेजरी विभाग एफबीआई के साथ-साथ साइबरसिक्योरिटी एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी एजेंसी और थर्ड पार्टी फोरेंसिक इनवेस्टिगेटर्स के साथ भी काम कर रहा है। अधिकारियों का दावा है कि अब तक की जांच से यह बात सामने आई है कि यह साइबर हमला चीन के Advanced Persistent Threat (APT) एक्टर ने किया था। ट्रेजरी विभाग को 8 दिसंबर को बताया गया था कि 2 दिसंबर को कुछ संदिग्ध गतिविधि देखी गई थी। लेकिन कंपनी को यह तय करने में तीन दिन लग गए कि यह हैंकिंग थी।
