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Tuesday, May 5, 2026
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संभल की जामा मस्जिद केस की सुनवाई पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक, 4 हफ्ते में सभी पक्षकारों से मांगा जवाब

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संभलः

उत्तर प्रदेश के संभल की जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर बताए जाने के मामले में जिला कोर्ट में चल रही सुनवाई पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान सभी पक्षकारों से 4 हफ्ते में जवाब मांगा है। उसके बाद पक्षकारों के जवाब पर मस्जिद कमेटी को दो हफ्ते में अपना प्रत्युत्तर दाखिल करना होगा। अब इस मामले में 25 फरवरी को सुनवाई होगी।

दरअसल, संभल की जामा मस्जिद की तरफ से इंतजामिया कमेटी ने 4 जनवरी को याचिका दाखिल की थी। इसमें सर्वे रोकने की मांग की थी। हाईकोर्ट से जिला अदालत में चल रही मुकदमे की सुनवाई पर रोक लगने से मुस्लिम पक्ष को फौरी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने कहा है कि अगले आदेश तक कोई भी कार्रवाई नहीं की जाएगाी। हिंदू पक्ष की तरफ से सीनियर एडवोकेट हरिशंकर जैन और एडवोकेट प्रभास पांडेय ने दलील दी, जबकि मुस्लिम पक्ष की तरफ से एसएफए नकवी ने पक्ष रखा।

इससे पहले बुधवार को संभल की चंदौसी कोर्ट में भी इस मामले की सुनवाई हुई थी। जामा मस्जिद पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति स्थानीय कोर्ट में पेश की। मुस्लिम पक्ष ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक अभी इस मामले पर कोई सुनवाई नहीं हो सकती है। हालांकि मस्जिद पक्ष के सुप्रीम कोर्ट के आदेश की कापी दाखिल करने पर एसआईटी के अधिवक्ता विष्णु शर्मा और श्रीगोपाल शर्मा ने कोर्ट मे कहा न्यायालय में जो सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर की कॉपी दाखिल की गई है वह न तो सर्टिफाइड है और न ही शपथ पत्र के साथ दाखिल की गई है।

राज्य सरकार और डीएम के अधिवक्ता प्रिंस शर्मा ने कहा कि इस आदेश में सर्वे करने और नए दायरे को मना किया है। सभी के तर्क सुनने के बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई पांच मार्च को तय की। संभल कोर्ट के फैसले के कुछ घंटे बाद ही हाईकोर्ट का ये फैसला आया। दरअसल, नवंबर 2024 में जामा मस्जिद सर्वे और फिर हिंसा के बाद मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने के निर्देश दिए थे।

साथ ही, हाईकोर्ट को निर्देश दिया था कि याचिका पर जल्द से जल्द सुनवाई हो। मुस्लिम पक्ष ने याचिका में संभल जिला अदालत में चल रहे मुकदमे को रद्द करने और एडवोकेट कमिश्नर की सर्वे रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं करने, दीवानी अदालत के सर्वे आदेश की प्रक्रिया पर भी रोक लगाने की मांग की थी। जबकि हिंदू पक्ष की ओर से संभल की शाही मस्जिद में हरिहर मंदिर होने का दावा किया करते हुए याचिका दाखिल की गई थी। अभी दो जनवरी को ही संभल जामा मस्जिद की सर्वे रिपोर्ट कोर्ट कमिश्नर ने अदालत में सील बंद लिफाफे में दाखिल की थी। गौरतलब है कि इस मुद्दे को लेकर संभल मे हुई हिंसा में पांच लोगों की जान चली गई थी।

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