तिरुपति:
आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध तिरुपति मंदिर में बुधवार को वैकुंठ द्वार दर्शन टिकट केंद्रों के पास भगदड़ मचने से 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई. दरअसल, सुबह से ही हजारों श्रद्धालु वैकुंठ द्वार दर्शन टोकन के लिए तिरुपति के विभिन्न टिकट केंद्रों पर कतार में खड़े थे. यह घटना उस समय हुई जब श्रद्धालुओं को बैरागी पट्टीडा पार्क में कतार में लगने की अनुमति दी गई थी. वैकुंठ द्वार दर्शन दस दिन के लिए खोले गए हैं, जिसके चलते टोकन के लिए हजारों की संख्या में लोग जुट रहे हैं.
भगदड़ मचने से वहां अफरा-तफरी मच गई, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई. इसमें मल्लिका नाम की एक महिला भी शामिल है. हालात बिगड़ता देख तिरुपति पुलिस ने मोर्चा संभाला और स्थिति को नियंत्रित किया. बताया जा रहा है कि दर्शन के लिए टॉकन की लाइन में करीब 4,000 लोग लगे थे. स्थिति को लेकर मंदिर समिति के चेयरमैन बीआर नायडू आपातकालीन बैठक कर रहे हैं. बैठक के बाद वे मीडिया को संबोधित करेंगे.
सीएम चंद्रबाबू नायडू ने जताया दुख
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने तिरुपति में विष्णु निवासम के पास तिरुमाला श्रीवारी वैकुंठ द्वार में दर्शन के लिए टोकन लेने के लिए हुई भगदड़ में चार श्रद्धालुओं की मौत पर गहरा दुख जताया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि वे इस घटना से बहुत दुखी हैं. यह घटना उस समय हुई जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु टोकन लेने के लिए एकत्र हुए थे. मुख्यमंत्री ने घटना में घायलों को दिए जा रहे उपचार के बारे में अधिकारियों से फोन पर बात की. मुख्यमंत्री समय-समय पर जिला और टीटीडी अधिकारियों से बात करके मौजूदा स्थिति से अवगत हैं. मुख्यमंत्री ने उच्च अधिकारियों को घटना स्थल पर जाकर राहत उपाय करने का आदेश दिया है, ताकि घायलों को बेहतर उपचार मिल सके.
10 से 19 जनवरी के लिए खोले गया वैकुंठ द्वार
एक दिन पहले ही तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के कार्यकारी अधिकारी (ईओ) जे श्यामला राव ने 10 से 19 जनवरी, 2025 तक आयोजित होने वाले वैकुंठ एकादशी और वैकुंठ द्वार दर्शनम के लिए विस्तृत व्यवस्थाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की थी. उन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि आम तीर्थयात्रियों को वैकुंठ द्वार दर्शन प्रदान करना टीटीडी की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
राव ने घोषणा की थी कि टीटीडी ने इस अवधि के दौरान सात लाख भक्तों को समायोजित करने के लिए व्यापक व्यवस्था की है. उन्होंने बताया था कि वैकुंठ द्वार दस दिनों तक खुला रहेगा, जिसमें सभी तीर्थयात्रियों के लिए सुचारू और सुरक्षित दर्शन अनुभव सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न विशेष प्रोटोकॉल लागू होंगे. 10 जनवरी को दर्शन सुबह 4.30 बजे प्रोटोकॉल दर्शन से शुरू होगा, उसके बाद सुबह 8 बजे सर्व दर्शन होगा.
कहां मिल रहे टोकन
तिरुपति में 8 केंद्रों पर 90 काउंटर बनाए गए हैं। तिरुपति में इंदिरा मैदान, रामचंद्र पुष्करिणी, श्रीनिवासम कॉम्प्लेक्स, विष्णु निवासम कॉम्प्लेक्स, भूदेवी कॉम्प्लेक्स, भैरगीपट्टेडा रामानायडू हाई स्कूल, एमआर पल्ली जिला परिषद हाई स्कूल, जिवाकोना जिला परिषद हाई स्कूल में काउंटर स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा तिरुमाला निवासियों को बालाजी नगर सामुदायिक हॉल में एसएसडी टोकन जारी किए जाएंगे।
सुबह मिलेंगे टोकन
9 जनवरी को सुबह 5 बजे इन केंद्रों पर भक्तों को 10, 11 और 12 तारीख के लिए 1.20 लाख टोकन आवंटित किए जाएंगे। टीटीडी ने कहा कि अन्य दिनों में टोकन जारी किए जाएंगे। भक्त बुधवार शाम से ही काउंटरों पर भीड़ लगाने लगे। क्योंकि गुरुवार सुबह से द्वार दर्शन टोकन जारी किए जाने थे।
कैसे हुई भगदड़
टीटीडी की ओर से व्यवस्थित सभी कतारें श्रीवारी के भक्तों से भरी हुई थीं। स्थानीय लोगों के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों से भी श्रीवारी के भक्त बड़ी संख्या में काउंटरों पर पहुंचे। विष्णु धाम के काउंटर पर मारपीट हुई। इससे वहां भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। इसमें एक महिला श्रद्धालु की जान चली गई। टीटीडी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि बिना टोकन वाले भक्तों को वैकुंठ द्वार दर्शनम के दिनों में श्रीवारी के दर्शन नहीं होंगे।
