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Tuesday, April 28, 2026
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भोजपुर के 45 हजार प्लॉट 1200 KM दूर हिंद महासागर में ‘डूबे’, जमीन मालिक परेशान; अधिकारी हैरान

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आरा

बिहार के भोजपुर जिले में चल रहे डिजिटल क्रॉप सर्वे में एक बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। इस सर्वे में हजारों किसानों की जमीन हिंद महासागर में दिख रही है। यह सुनकर किसान हैरान और परेशान हैं। बता दें कि भोजपुर बिहार में स्थित है, हिंद महासागर से लगभग 1200 किलोमीटर दूर है। फिर भी सर्वे में जिले के 14 प्रखंडों के 45,000 प्लॉट हिंद महासागर में दिखाई दे रहे हैं।

अक्षांश और देशांतर में हुई तकनीकी खराबी
बताया जा रहा है कि यह गड़बड़ी अक्षांश और देशांतर में हुई तकनीकी खराबी के कारण हुई है। जिला भूमि संरक्षण विभाग प्लॉट के डिजिटल सर्वे के डेटा को विभागीय साइट पर अपलोड कर रहा है। लेकिन जिन प्लॉटों के अक्षांश और देशांतर में गड़बड़ी है, उन्हें अपलोड नहीं किया जा सका। जिस स्थान पर, जिस मौजा और खेसरा का कागजों में उल्लेख है, वह उस जगह पर नहीं दिख रहा है। बल्कि वह सीधे हिंद महासागर में दिख रहा है।

राजस्व विभाग से हुई गलती
कृषि विभाग के अनुसार, यह गलती राजस्व विभाग से हुई है। राजस्व विभाग ने जमीन के नए सर्वेक्षण के डेटा को अपलोड करते समय अक्षांश और देशांतर की अदला-बदली कर दी। इस वजह से हजारों प्लॉट की लोकेशन बदल गई। जिला तकनीकी विभाग ऐसे प्लॉटों का विवरण राजस्व विभाग को वापस भेज रहा है। राजस्व विभाग इसे सुधार कर वापस भेज रहा है।

20 दिसंबर से चल रहा डिजिटल क्रॉप सर्वे
बता दें कि यह डिजिटल क्रॉप सर्वे 20 दिसंबर से चल रहा है। इसका उद्देश्य किसानों की जमीन के बारे में वैज्ञानिक डेटा इकट्ठा करना है। इसके जरिए जरूरतमंद किसानों को सरकारी योजनाओं का सही लाभ दिया जा सकेगा। कृषि विभाग को 31 जनवरी तक 10 लाख प्लॉट का डिजिटल सर्वे पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। एक प्लॉट के सर्वे के लिए पांच रुपये का बोनस दिया जा रहा है।

हो चुका है 95000 प्लॉट का डिजिटल सर्वे
बता दें कि 24 जनवरी तक 95000 प्लॉट का डिजिटल सर्वे हो चुका है। इनमें से 45,000 प्लॉट में अक्षांश और देशांतर की गड़बड़ी पाई गई है। ये वो प्लॉट हैं जिन्हें राजस्व विभाग ने सर्वे के बाद ऑनलाइन किया है। कृषि विभाग यह सर्वे कर रहा है कि किस प्लॉट में रबी या खरीफ की फसल हो रही है। यह जानकारी अक्षांश और देशांतर के अनुसार इकट्ठी की जा रही है।

क्या बोले कृषि पदाधिकारी
जिला कृषि पदाधिकारी शत्रुघ्न साहू ने बताया कि सभी प्रखंडों में डिजिटल सर्वे किया जा रहा है। इसमें प्रखंड के कृषि सलाहकार, कृषि समन्वयक आदि कर्मियों को लगाया गया है। यह सर्वे उन्हीं प्लॉटों का किया जा रहा है, जिनका परिमार्जन ऑनलाइन हो सका है।

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