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2013, 2015, 2020 और अब 2025, दिल्ली विधानसभा चुनावों में कब पास और कब फेल हुए थे एग्जिट पोल्स?

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नई दिल्ली

अरविंद केजरीवाल के राजनीति में आने के बाद से दिल्ली विधानसभा के लिए चौथा विधानसभा चुनाव संपन्न हो चुका है। मतदान खत्म होने के बाद एग्जिट पोल्स के नतीजे भी आ चुके हैं। जाने-माने एग्जिट पोल एजेंसियों में लगभग सभी ने दिल्ली में बीजेपी के लिए 27 वर्षों का इंतजार खत्म होने का अनुमान लगाया है। हालांकि, कुछ एजेंसियों ने आम आदमी पार्टी (आप) की बहुमत वाली सरकार की हैटट्रिक लगाने के संकेत भी दिए हैं। हालांकि, ये परंपरागत एजेंसियां नहीं हैं और ज्यादातर का नाम पहली बार ही देखा-सुना जा रहा है। फिर भी कई बार ऐसा हो चुका है कि एग्जिट पोल्स में ज्यादातर एजेंसियों ने जो अनुमान जताए हों, असल नतीजे उनसे उलट आए हैं।

2013 से 2025 तक के एग्जिट पोल्स के हाल देखिए
2013, 2015 और 2020 के विधानसभा चुनावों में भी एग्जिट पोल वाली एजेंसियों में से एक-दो को अनुमानों ने चौंकाया था। सवाल है कि क्या इस बार भी कुछ ऐसा ही होने जा रहा है? 2013 में टुडेज चाणक्य ने सबसे अलग राह पकड़ आम आदमी पार्टी (आप) को सबसे ज्यादा 31 सीटें दी थीं। हालांकि, असल नतीजे में यह आंकड़ा तो नहीं आया, लेकिन आप बाकी सभी अनुमानों को धता बताकर 28 सीटें पा गई थी। 2015 का एग्जिट पोल्स तो पूरी तरह फेल रहा था। किसी ने आप के लिए 67 सीटों का अनुमान नहीं जताया था। सबसे ज्यादा सीटें देने वाली एक्सिस माय इंडिया ने 53 सीटों का ही अनुमान लगाया था। 2020 के बीते चुनाव में रिपब्लिक टीवी-जन की बात का अनुमान सबसे करीब रहा। उसने आप को 48 से 61 सीट मिलने का अनुमान बताया था और असल नतीजे में यह आंकड़ा 62 तक पहुंचा था। आइए 2013 से लेकर अब तक के दिल्ली विधानसभा चुनावों के सभी एग्जिट पोल्स पर एक नजर डालते हैं।

एजेंसी आप बीजेपी+ कांग्रेस
मैट्रिज 32-37 35-40 0-1
पी-मार्क 21-31 39-49 0-1
पीपल्स इनसाइट 25-29 40-44 0-2
पीपल्स पल्स 10-19 51-60 0-0
जेवीसी पोल 22-31 39-45 0-2
पोल डायरी 18-25 42-50 0-2
चाणक्य स्ट्रैटिजीज 25-28 39-44 2-3
वीप्रीसाइड 46-52 18-23 0-0
माइंड ब्रिंक 44-49 21-25 0-1
डीवी रिसर्च 36-44 26-34 0-0
एसएएस 38-41 27-30 1-3

2013 में एग्जिट पोल्स पास हुआ था या फेल?
2013 में हुए दिल्ली विधानसभा चुनावों में, एग्जिट पोल्स ने बीजेपी को बढ़त दी थी। चार एग्जिट पोल्स का औसत निकाला गया तो बीजेपी को 35 सीटें मिलने का अनुमान था। जीत के लिए 36 सीटें चाहिए थीं, यानी बीजेपी बहुमत के बेहद करीब थी। आप और कांग्रेस, दोनों को 17-17 सीटें मिलने का अनुमान था। लेकिन असली नतीजे कुछ और ही निकले। बीजेपी को 32 सीटें मिलीं, आप ने 28 सीटों पर जीत दर्ज की, और कांग्रेस सिर्फ आठ सीटों पर सिमट गई। एग्जिट पोल्स आप की ताकत का अंदाजा नहीं लगा पाए। ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ आंदोलन की लहर पर सवार होकर आप ने अच्छा प्रदर्शन किया। कांग्रेस के बाहरी समर्थन से आप ने सरकार बनाई, लेकिन यह सरकार सिर्फ 48 दिन ही चल पाई। जन लोकपाल बिल पास न होने पर केजरीवाल ने इस्तीफा दे दिया, और दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लग गया।

एजेंसी भाजपा आप कांग्रेस अन्य
हेडलाइंस टुडे-ओआरजी 41 6 20 3
एबीपी-नील्सन 37 15 16 2
सीवोटर 31 15 20 4
टुडेज चाणक्य 29 31 10 0
पोल ऑफ पोल्स 35 17 17 2
असल परिणाम 32 28 8 0
अंतर 3 -11 9 2

2015 में सारे एग्जिट पोल्स हुए थे धराशायी
2015 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में आप की शानदार जीत हुई। एग्जिट पोल्स ने आप की जीत तो बताई थी, लेकिन जीत के इतने बड़े अंतर का अंदाजा किसी को नहीं था। छह बड़े एग्जिट पोल्स का औसत निकाला गया तो आप को लगभग 45 सीटें, बीजेपी को 24 सीटें और कांग्रेस को एक सीट मिलने का अनुमान था। लेकिन असली नतीजों ने सबको चौंका दिया। आप ने 70 में से 67 सीटें जीत लीं। बीजेपी के खाते में सिर्फ तीन सीटें आईं, और कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला। किसी भी एग्जिट पोल ने आप को 60 सीटों के पार जाते हुए नहीं देखा था।

एजेंसी आप भाजपा कांग्रेस अन्य
न्यूज़ नेशन 41–45 23–27 1–3 0–1
इंडिया टुडे-सिसेरो 38–46 19–27 3–5 0–2
इंडिया टीवी-सीवोटर 35–43 25–33 0–2 0
एक्सिस माय इंडिया 53 17 0 0
टुडेज चाणक्य 48 22 0 0
एबीपी-नील्सन 43 26 1 0
पोल ऑफ पोल्स 45 24 1 0
असल परिणाम 67 3 0 0
अंतर -22 21 1 0

 

सिर्फ एक एग्जिट पोल (एक्सिस माई इंडिया) ने आप को 50 से ज्यादा सीटें, यानी 53 सीटें मिलने का अनुमान लगाया था। ज्यादातर एग्जिट पोल्स ने बीजेपी की ताकत का अंदाजा भी गलत लगाया। लगभग सभी ने बीजेपी को 20 से ज्यादा सीटें मिलने की भविष्यवाणी की थी। ‘इंडिया टीवी-सी वोटर’ ने आप को 35-43 सीटें और बीजेपी को 25-33 सीटें मिलने का अनुमान लगाया था। ‘इंडिया टुडे-सिसरो’ ने आप को 38-46 सीटें और बीजेपी को 19-27 सीटें, ‘एबीपी-नील्सन’ ने आप को 43 सीटें और बीजेपी को 26 सीटें, ‘टुडेज़ चाणक्य’ ने आप को 48 सीटें और बीजेपी को 22 सीटें, ‘एक्सिस’ ने आप को 53 सीटें और बीजेपी को 17 सीटें, और ‘न्यूज़ नेशन’ ने आप को 41-45 सीटें और बीजेपी को 23-27 सीटें मिलने का

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