लखनऊ
महाकुंभ के बाद पुलिस और प्रशासन के कई अफसर कार्रवाई की जद में आ सकते हैं। दरअसल महाकुंभ मेला के दौरान जाम व अव्यवस्था के चलते श्रद्धालुओं को होने वाली परेशानियों से सीएम योगी आदित्यनाथ काफी नाराज थे। उन्होंने इसको लेकर अफसरों को जमकर फटकारा भी था। सीएम की नाराजगी के बाद मुख्य सचिव और डीजीपी के स्तर से सभी अफसरों की समीक्षा शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि महाकुंभ और होली के निपटने के बाद इन अफसरों पर कार्रवाई हो सकती है।
दरअसल मौनी अमावस्या में हुए हादसे के बाद डैमेज कंट्रोल में लगी पुलिस और प्रशासन की मशीनरी प्रयागराज समेत कई शहरों में जाम के झाम में फंस गई। प्रयागराज, अयोध्या, वाराणसी और इनसे जुड़े जिलों में जगह-जगह जाम में लोग घंटों फंसे रहे। सीएम योगी के कड़े रुख के बाद पूरी अफसरशाही हरकत में आई।
दो अफसरों को लगाई थी फटकार
जाम को लेकर हुई उच्चस्तरीय बैठक में सीएम ने एडीजी स्तर के दो अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई थी। माना जा रहा है कि कुंभ के बाद इन अफसरों की तैनाती में बड़ा फेरबदल हो सकता है। इसके अलावा प्रयागराज शहर में लगे जाम को लेकर प्रयागराज कमिश्ररेट के कुछ अफसर भी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं।
पार्किंग रहीं बेकार
सूत्रों के मुताबिक बैठक के दौरान यह बात भी सामने आई थी कि महाकुंभ को लेकर प्रयागराज और उसके आसपास के इलाकों में जो पार्किंग बनाई गई थीं उनका पूरी तरह इस्तेमाल नहीं हुआ। करीब पांच लाख वाहनों के लिए पार्किंग बनाई गई थी। लेकिन वहां करीब डेढ़ लाख वाहन ही पार्क हुए। बाकी वाहन सड़कों के किनारे या इधर उधर खड़े किए गए। जाम की एक वजह यह भी रही।
श्रद्धालुओं के लिए कोई व्यवस्था नहीं
इसी तरह प्रयागराज के पड़ोसी जिलों जहां-जहां होल्डिंग एरिया बनाए गए थे वहां श्रद्धालुओं को पहुंचाया ही नहीं गया। यह भी सामने आया है कि जहां श्रद्धालु रुके, वहां नाश्ते-पानी का इंतजाम नहीं कराया गया। प्रयागराज आने वाले सात मार्गों और उनसे जुड़े आठ जिलों के अफसर भी कार्रवाई की जद में हैं। यह समीक्षा की जा रही है कि किन अफसरों ने जाम और व्यवस्था को गंभीरता से नहीं लिया।
