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Wednesday, March 4, 2026
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अचानक दिल्ली पहुंचे बड़े नेता, कांग्रेस संगठन में बदलाव की अटकलों के बीच ठोका दावा, रेस में सबसे आगे है यह नाम

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रायपुर

पहले विधानसभा फिर लोकसभा और अब नगरीय निकाय चुनावों में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है। लगातार हार के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस संगठन में बदलाव की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इसी बीच दावा किया जा रहा है कि राज्य के सीनियर नेता और पूर्व डेप्युटी सीएम टीएस सिंहदेव को कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया जा सकता है। पीसीसी अध्यक्ष के लिए पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव का नाम की चर्चा होने के बाद दिल्ली में बड़े नेताओं की लामबंदी होने लगे हैं। प्रदेश कांग्रेस की कमान किसी आदिवासी नेता को सौपने की मांग भी उठने लगी है।

कई नेता दिल्ली पहुंचे
राज्य के पूर्व सीएम भूपेश बघेल को पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हें पंजाब का भी प्रभार सौंपा गया है। भूपेश बघेल इन दिनों दिल्ली के दौरे पर है। दिल्ली दौरे में उन्होंने मंगलवार को राहुल गांधी से मुलाकात की थी। वहीं, सूत्रों का दावा है कि भूपेश बघेल के बाद कई और नेता दिल्ली पहुंच गए हैं। पूर्व मंत्री अमरजीत भगत और शिव डहरिया के भी दिल्ली पहुंचने का दावा किया जा रहा है।

दूसरा गुट भी एक्टिव
दावा किया जा रहा है पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम, विधायक लखेश्वर बघेल, पूर्व विधायक संतराम नेताम और फूलीदेवी नेताम भी प्रदेश अध्यक्ष को लेकर एक्टिव हो गए हैं। राहुल गांधी और भूपेश बघेल की मुलाकात के बाद प्रदेश अध्यक्ष की अटकलों को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। से मुलाकात की और कहा कि उन्होंने राजनीतिक विषयों पर चर्चा की है।

टीएस सिंहदेव का बड़ा बयान
इस बीच कांग्रेस के सीनिय नेता टीएस सिंहदेव का एक बड़ा बयान सामने आया है। सिंहदेव ने कहा कि सिर्फ जातीय या वर्गीय आधार पर पद नहीं मिलना चाहिए। यह भी जरूरी है कि कौन सबसे अच्छा नेतृत्व कर सकता है। उन्होंने कहा कि अगर अमरजीत भगत प्रदेश अध्यक्ष बनने की इच्छा रखते हैं तो उनके नाम पर भी विचार होना चाहिए। वे भी मंत्रिमंडल के सदस्य रहे हैं। बता दें अमरजीत भगत भूपेश बघेल कैबिनेट में मंत्री थे।

क्यों उठी आदिवासी का अध्यक्ष की डिमांड
छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को लेकर एक नई डिमांड उठी है। दावा किया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ में बीजेपी ने आदिवासी सीएम का कार्ड खेला है। ऐसे में आदिवासी वोटर्स को साधने के लिए आदिवासी प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा होनी चाहिए।

पंचायत चुनाव के बाद हो सकती है घोषणा
छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव के बाद अब पंचायत चुनाव हो रहे हैं। पंचायत चुनाव के लिए पहले फेज की वोटिंग हो चुकी है। माना जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा पंचायत चुनाव के बाद हो सकती है।

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