लखनऊ
उत्तर प्रदेश विधानसभा में योगी आदित्यनाथ सरकार के दूसरे कार्यकाल का चौथा बजट पेश किया गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में योगी सरकार की ओर से कई महत्वपूर्ण ऐलान किए गए हैं। हालांकि, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस पर बड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने 8 लाख 8 हजार 736 करोड़ 6 लाख रुपये के यूपी सरकार के बजट को लेकर कहा, इसमें कुछ भी नया नहीं है। उन्होंने कहा कि अगले साल योगी आदित्यनाथ सरकार अपना आखिरी बजट पेश करेगी। इसके बाद नई सरकार आएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार हटेगी तो उत्तर प्रदेश में छुट्टा जानवर भी हटेंगे। साथ ही, यूपी विधानसभा में गरमाए उर्दू के मुद्दे पर भी करारा तंज कसा।
गरमाया है उर्दू का मुद्दा
दरअसल, यूपी विधानसभा सत्र के दूसरे दिन सीएम योगी आदित्यनाथ ने उर्दू को लेकर करार तंज कसा था। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय की ओर से सदन की भाषा में अंग्रेजी को उर्दू किए जाने के मामले को जोरदार तरीके से उठाया था। इसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर करारा हमला करते हुए दोहरा चरित्र अपने की बात कही। समाजवादी पार्टी के नेता अपने बच्चों को अंग्रेजी स्कूल में पढ़ते हैं।
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के गरीब बच्चों का जब मामला आता है तो उन्हें उर्दू पढ़ने के लिए मजबूर करते हैं। वह प्रदेश के बच्चों को मौलवी बनाना चाहते हैं। अब अखिलेश यादव ने सीएम योगी आदित्यनाथ के उर्दू पर दिए गए बयान को लेकर करार तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि उर्दू का विरोध विधानसभा में उर्दू में ही किया गया।
अखिलेश का हमला
अखिलेश यादव ने कहा कि विद्वानों की सभा में मूर्ख के लिए मौन ही आभूषण होता है। कुछ लोग उर्दू का विरोध उर्दू में ही किए। उन्होंने कहा कि यह तो विधानसभा थी। वहां बहुत जागरूक लोग थे। कुछ लोग उर्दू का विरोध उर्दू में ही कर रहे थे। अखिलेश यादव के इस हमले पर अब राजनीति गरमाने लगी है।
बजट पर साधा निशाना
अखिलेश यादव ने बजट पर भी निशाना साधा। उन्होंने इसे बड़ा ढोल करार देते हुए कहा कि इसमें आवाज तो बहुत है, मगर अंदर से खाली है। यह यूपी का बजट नहीं बड़ा ढोल है जो खोखला है। इस बजट का झोला खाली है। जनता को लग रहा है कि बजट आया ही नहीं है। लोग पूछ रहे हैं कि प्रवचन तो आ गया, बजट कब आएगा?
