पटना:
बिहार में चुनाव से पहले तेजस्वी यादव और चिराग पासवान साथ दिख रहे हैं। चिराग पासवान ने कहा कि अगर उनकी सरकार बनी तो ताड़ी को शराबबंदी से अलग कर देंगे। तेजस्वी यादव ने भी पहले ही ऐसा ही वादा किया है। दोनों नेताओं का मानना है कि ताड़ी एक प्राकृतिक पेय है और इसे शराब नहीं मानना चाहिए। इससे पासी समाज को फायदा होगा, जिनकी आजीविका ताड़ी से जुड़ी है। चिराग पासवान ने प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कोई भी कहीं से भी चुनाव लड़ सकता है, लेकिन जनता ही तय करेगी कि कौन जीतेगा।
चिराग ने किया तेजस्वी का समर्थन!
विधानसभा चुनाव से पहले बिहार की राजनीति में नया समीकरण बनता दिख रहा है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव के ताड़ी पर दिए गए बयान का समर्थन किया है। हाजीपुर में एक कार्यक्रम के दौरान चिराग पासवान ने कहा, कि तेजस्वी यादव ने क्या कहा, उन्हें नहीं पता। लेकिन अगर बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट की सरकार बनती है, तो लोजपा रामविलास ताड़ी को शराबबंदी कानून से अलग करेगा।
ताड़ी पर चिराग-तेजस्वी के सुर एक
चिराग पासवान ने आगे कहा कि वो ताड़ी उतारने और बेचने के लिए कानून बनाएंगे। क्योंकि यह पूरी तरह से प्राकृतिक है। इसलिए इसे अल्कोहल की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। चिराग पासवान ने इस बात पर भी जोर दिया कि एक खास जाति के लोग पीढ़ियों से ताड़ी के काम से जुड़े हैं और वे हमेशा इस मुद्दे को उठाते रहे हैं।
प्रशांत किशोर पर भी चिराग का अलग स्टैंड!
चिराग पासवान ने प्रशांत किशोर के राघोपुर से चुनाव लड़ने के फैसले पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ने के लिए हर कोई आजाद है और वो कहीं से भी चुनाव लड़ सकता है। लेकिन आखिर में जनता तय करती है कि उनका विधायक या सांसद कौन बनेगा?
तेजस्वी यादव पहले ही ताड़ी से बैन हटाने का कर चुके वादा
तेजस्वी यादव पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो ताड़ी पर से प्रतिबंध हटा दिया जाएगा। उनका कहना है कि ताड़ी बेचने-पीने की व्यवस्था 2016 से पहले जैसी हो जाएगी। इससे पासी समाज, जिसकी आबादी राज्य में लगभग 2 प्रतिशत है और जिनकी आजीविका ताड़ी पर निर्भर है, को फायदा होगा। तेजस्वी यादव ने ताड़ी को एक प्राकृतिक उत्पाद बताया है।
शराबबंदी कानून पर भी तेजस्वी ने उठाए हैं सवाल
तेजस्वी यादव ने शराबबंदी कानून पर भी सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि यह कानून अपने उद्देश्य से भटक गया है और विफल साबित हुआ है। उन्होंने पटना हाई कोर्ट की हालिया टिप्पणी का हवाला देते हुए कहा कि शराबबंदी लागू होने के बाद अगस्त 2024 तक 12,79,387 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से 99 प्रतिशत लोग अति पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति-जनजाति से हैं। तेजस्वी यादव के अनुसार, इस कानून के तहत रोजाना 426 लोग गिरफ्तार हो रहे हैं। उन्होंने जहरीली शराब से हुई 2000 मौतों का भी जिक्र किया और कहा कि सरकार ने अभी तक कोई मुआवजा नहीं दिया है।
