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Tuesday, March 31, 2026
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बाबा बागेश्वर ने प्रवचन में कुत्ते-मधुमक्खी को क्यों लाया? बिहार में सुनाए ‘एक हैं तो सेफ हैं’ का एक्सटेंडेड वर्जन

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पटना/गोपालगंज

बिहार में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री आजकल सियासी माहौल का लुत्फ उठा रहे। वैसे, गोपालगंज में उन्होंने हनुमंत कथा के दौरान हिंदू एकता को देश के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि अगर एकजुट रहेंगे तो कोई भी हमें तोड़ नहीं पाएगा। कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सभा में मौजूद लोगों से कहा कि अगर हिंदू अकेले रहेंगे तो वे टूट जाएंगे, लेकिन अगर वे एकजुट होकर रहेंगे तो कोई भी उन्हें तोड़ नहीं सकता। अगर कुत्ते को एक पत्थर मारा जाए तो वह भाग जाएगा, लेकिन वही पत्थर अगर मधुमक्खी के छत्ते पर मारा जाए तो आपको ही भागना पड़ेगा। इसका मतलब यह है कि कुत्ता अकेला था, जबकि मधुमक्खी एकजुट थी।

प्रवचन में कुत्ते-मधुमक्खी को क्यों लाया?
बाबा बागेश्वर यहीं नहीं रूके, उन्होंने कहा कि जैसे मधुमक्खियां अपने एकजुट होने की ताकत से किसी को भी हरा सकती हैं, ठीक उसी तरह हिंदू समाज अगर इकट्ठा रहेगा तो कोई भी उसे हरा नहीं सकेगा। हिंदू अलग रहेगा तो उसे भागना पड़ेगा, लेकिन अगर वह एकजुट रहेगा तो देशद्रोहियों को भागना पड़ेगा। मैं किसी पार्टी का प्रचारक नहीं हूं, मैं एक हिंदुत्व का विचारक हूं।

कथावाचक ने संविधान संशोधन को लेकर भी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कह रहे हैं कि हम संविधान के खिलाफ हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। हम भारत के संविधान का सम्मान करते हैं, लेकिन इससे पहले भी 125 बार से ज्यादा संविधान में संशोधन हो चुका है और अगर जरूरत पड़ी तो एक बार फिर हिंदू राष्ट्र के लिए संविधान में संशोधन किया जाएगा। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 6 मार्च से 10 मार्च तक बिहार के गोपालगंज जिले में हैं। यहीं भोरे के रामनगर मठ में हनुमंत कथा का आयोजन किया गया है।

बिहार हमारा है, हम आते रहेंगे’
बिहार आने पर जेल भेजे जाने की राष्ट्रीय जनता दल (राजद) विधायक की धमकी के बाद बाबा बागेश्वर ने गोपालगंज में हनुमंत कथा के तीसरे दिन रविवार को जोरदार पलटवार किया। प्रसिद्ध कथावाचक और बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री उर्फ बाबा बागेश्वर ने कहा, ‘हिंदुओं का परचम अब दिखने लगा है। लोग कहते हैं कि अगर हम बिहार आए तो जेल में डाल दिया जाएगा। तुम रोहिंग्या और घुसपैठियों को रोक नहीं पाए, हम तो भारत के हैं, हम बिहार के हैं, बिहार हमारा है और हम आते रहेंगे।’

उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी पार्टी के प्रचारक नहीं हैं और न ही किसी राजनीतिक दल का समर्थन करते हैं। उनका उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ भगवान बजरंग बली की भक्ति है। उन्होंने कहा, ‘जब तक जिंदा रहेंगे, तब तक दरबार लगाएंगे और जिंदगी भर बिहार आएंगे। बिहार हमारा घर है, हमारी आत्मा है।’

जेल भेजने की धमकी पर पलटवार
राष्ट्रीय जनता दल के विधायक चंद्रशेखर ने कहा था कि धीरेंद्र शास्त्री को जेल में डाल देना चाहिए, क्योंकि वह संविधान विरोधी बात करते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हमारा संविधान हिंदू राष्ट्र बनाने की इजाजत देता है। उन्होंने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री ‘राम रहीम और आसाराम’ जैसी श्रेणी के बाबा हैं, और अगर इनकी अंदरूनी जांच की जाए तो सच सामने आ जाएगा।

कथा के दौरान उमड़ी भीड़ को संबोधित करते हुए बाबा बागेश्वर ने कहा कि वह नहीं चाहते कि उनके समर्थकों द्वारा कोई गड़बड़ी हो, क्योंकि ऐसा होने पर विरोधी उनका विरोध करने का मौका पा सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘अगर कुछ भी गड़बड़ हुआ, तो विरोधी यहां हंगामा मचाने का मौका पा सकते हैं। हम नहीं चाहते कि सनातन धर्म का नाम खराब हो।’ बाबा बागेश्वर ने यह भी याद दिलाया कि पिछली बार जब कुछ लोगों ने उन्हें पटना एयरपोर्ट पर उतरने से रोकने की कोशिश की थी, तब बिहारवासियों ने मिलकर 12 लाख लोगों की भीड़ इकट्ठी कर कथावाचन सुना और एक वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था।

बाबा बागेश्वर पर कांग्रेस को भी शक
वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद तारिक अनवर ने इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले आचार्य धीरेंद्र शास्त्री उर्फ बागेश्वर बाबा जैसे धार्मिक नेताओं का ‘राजनीतिक इस्तेमाल’ का आरोप लगाया। कटिहार में पूर्व केंद्रीय मंत्री ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, ‘मुझे इन धार्मिक नेताओं के कहीं भी जाने से कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन, मुझे आश्चर्य है कि उन्हें हमेशा चुनाव वाले क्षेत्रों में क्यों भेजा जाता है।’

तारिक अनवर ने आरोप लगाया, ‘ऐसा लगता है कि राजग इन बाबाओं का राजनीतिक इस्तेमाल कर रहा है, क्योंकि वह शासन के मामले में अपने निराशाजनक ट्रैक रिकॉर्ड के साथ चुनावों में लोगों का सामना करने को लेकर चिंतित है।’

‘उनके सत्संग का कोई राजनीतिक मकसद नहीं’
हालांकि, बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा है कि उनके सत्संग का कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं है। संतों के बिहार में सत्संग करने पर उनका कोई राजनीतिक मकसद नहीं होता है। वे अपने धर्म और सनातन संस्कृति के लिए यहां आते हैं। हम भी उनकी इस पहल की सराहना करते हैं। अगर कोई यह कहता है कि उनका कोई राजनीतिक उद्देश्य है, तो वह गलत है।

10 मार्च तक गोपालगंज में बाबा बागेश्वर
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने गोपालगंज में हनुमंत कथा के दौरान कहा कि अगर हिंदू अकेले रहेंगे तो वे टूट जाएंगे, लेकिन अगर वे एकजुट होकर रहेंगे तो कोई भी उन्हें तोड़ नहीं सकता। अगर कुत्ते को एक पत्थर मारा जाए तो वह भाग जाएगा, लेकिन वही पत्थर अगर मधुमक्खी के छत्ते पर मारा जाए तो आपको ही भागना पड़ेगा। इसका मतलब यह है कि कुत्ता अकेला था, जबकि मधुमक्खी एकजुट थी। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 6 मार्च से 10 मार्च तक बिहार के गोपालगंज जिले में हैं। वहां भोरे के रामनगर मठ में हनुमंत कथा का आयोजन किया गया है।

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