4.7 C
London
Tuesday, May 12, 2026
Homeराज्य'मुसलमान जानते हैं कि नीतीश ही उनके सबसे बड़े हितैषी', बिहार में...

‘मुसलमान जानते हैं कि नीतीश ही उनके सबसे बड़े हितैषी’, बिहार में ‘शवाब’ पर इफ्तार पॉलिटिक्स

Published on

पूर्णिया

जेडीयू के वक्फ संशोधन बिल का समर्थन करने के कारण मुस्लिम संगठनों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इफ्तार पार्टी का बायकॉट किया है। मुस्लिम संगठनों के फैसले पर अब बिहार के जनता दल (यूनाइटेड) के अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने बयान दिया। उन्होंने कहा कि मुस्लिम लोग जानते हैं कि नीतीश कुमार से बड़ा उनका हितैषी कोई नहीं है।

मुसलमानों को पता, कौन है हितैषी- JDU
जनता दल यूनाइटेड की बिहार इकाई के अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा, ‘मुस्लिम समाज के लोग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपना नेता मानते हैं और बिहार की जनता तथा मुस्लिम समाज को लोग भी जानते हैं कि उनका हितैषी कौन है। आज इफ्तार पार्टी रखी गई है, जिसमें बढ़चढ़कर हिस्सा लेंगे। मैं बता देता हूं कि हमारे नेता बिहार की तरक्की और यहां की 14 करोड़ जनता के लिए दिन-रात काम करते रहते हैं।’

हम वोट बैंक की राजनीति नहीं करते- JDU
उन्होंने आगे कहा, ‘हमारी पार्टी को सभी समाज और सभी वर्गों के लोगों का वोट मिलता है। हमारी पार्टी कभी वोट की राजनीति नहीं करती है, बल्कि हम बिहार को नई ऊंचाईयों पर ले जाना चाहते हैं। साथ ही बिहार की गरीब जनता को मुख्य धारा से जोड़कर आगे बढ़ाने का काम किया जाता है।’

नीतीश की इफ्तार पार्टी पर सियासत
मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद और इमारत ए शरिया ने वक्फ (संशोधन) विधेयक को लेकर एनडीए के सहयोगी दलों की इफ्तार पार्टी में नहीं जाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा है कि वह एनडीए के सहयोगी नीतीश कुमार, एन चंद्रबाबू नायडू और चिराग पासवान के वक्फ (संशोधन) विधेयक पर रुख को देखते हुए इफ्तार, ईद मिलन और दूसरे कार्यक्रमों का बहिष्कार करेंगे।

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले इफ्तार की सियासत
बता दें कि बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले बिहार में इफ्तार पार्टी का सिलसिला जारी है। हालांकि, मुस्लिम संगठन के फैसले से नीतीश कुमार को बड़ा झटका लग सकता है। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को संसद के आगामी सत्र में पारित कराने की तैयारी में है। इसे लेकर मुस्लिम समाज में गहरी चिंता व्याप्त है। बोर्ड का मानना है कि यह विधेयक मुस्लिम समुदाय की वक्फ संपत्तियों, मस्जिदों, कब्रिस्तानों, दरगाहों, मठों और मदरसों पर कब्जा करने और उन्हें नष्ट करने के इरादे से लाया गया है। इसलिए इसे तत्काल वापस लिया जाना चाहिए।

Latest articles

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व: प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति को मिला नया गौरव : मुख्यमंत्री साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सोमवार को राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर...

आध्यात्मिक विरासत और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है सोमनाथ मंदिर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सोमवार को गुजरात के सोमनाथ मंदिर में आयोजित 'सोमनाथ अमृत...

बरनाला पहुंचे सीएम भगवंत मान: बोले- अब कोई नहीं बचा पाएगा बेअदबी के दोषियों को, हाईकोर्ट ने भी कानून पर लगाई मुहर

बरनाला। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान शुक्रवार को 'शुकराना यात्रा' के दौरान बरनाला पहुंचे।...

More like this

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व: प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति को मिला नया गौरव : मुख्यमंत्री साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सोमवार को राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर...

आध्यात्मिक विरासत और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है सोमनाथ मंदिर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सोमवार को गुजरात के सोमनाथ मंदिर में आयोजित 'सोमनाथ अमृत...