3 C
London
Monday, May 11, 2026
Homeराज्यरास्ते में आ रहे एक घर के कारण रुका है दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे,...

रास्ते में आ रहे एक घर के कारण रुका है दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, इंटरनेट पर वायरल हुई मकान की तस्वीर

Published on

मंडोला

NHAI रोड बनाने के लिए सड़कों को महंगे दाम पर खरीदा करता है। लेकिन कभी-कभार मामला फंस जाता है और लोग अपना घर न बेचने पर अड़ जाते हैं। ऐसे में मामला कोर्ट तक पहुंच जाता है। दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे को लेकर भी कुछ ऐसा ही हो रहा है। जहां 90 के दशक में वीरसेन सरोहा और उनका परिवार, मंडोला में 1,600 वर्ग मीटर के एक छोटे से घर में रहा करते थे, तब जमीन की तस्वीर बिल्कुल अलग थी।

उस समय मंडोला एक ग्रामीण इलाका हुआ करता था, जहां घर और खेत-खलिहान फैले हुए थे। 1998 में, यूपी हाउसिंग बोर्ड ने मंडोला हाउसिंग स्कीम के लिए दिल्ली-गाजियाबाद बॉर्डर के पास के 6 गांवों से 2,614 एकड़ जमीन अधिग्रहित करने का नोटिफिकेशन जारी किया। NHAI ने धीरे-धीरे करके परिवारों को उनकी जमीन देने के लिए मना लिया गया। लेकिन वीरसेन ने इनकार कर दिया और इलाहाबाद HC चले गए।

कोर्ट में पहुंचा मामला…
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वीरसेन की जमीन के अधिग्रहण पर रोक लगा दी। विरोध प्रदर्शनों और प्रक्रिया में देरी के कारण हाउसिंग स्कीम कभी जमीन पर नहीं आ सकी। ऐसे में जब एनएचएआई ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के लिए जमीन तलाशनी शुरू की, तो हाउसिंग बोर्ड ने उसकी मदद की। लेकिन वीरसेन के परिवार ने इसका कड़ा विरोध किया।

90 के दशक में बना घर आज भी बिल्कुल वैसे ही वहीं खड़ा है। जबकि इसके आसपास की हर चीज गायब हो चुकी है। वहां पर एक छोर पर अक्षरधाम तक और दूसरे छोर पर उत्तराखंड की पहाड़ियों तक फैला एक्सप्रेसवे बन गया है। लेकिन वीरसेन का घर अब भी वहीं का वहीं बना हुआ है। अक्षरधाम और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) के बीच, NHAI दो पार्ट्स में एक्सप्रेसवे का निर्माण कर रहा है।

पहला अक्षरधाम से लोनी में यूपी सीमा तक 14.7 किमी का और दूसरा लोनी से EPE में खेकड़ा तक 16 किमी का। एक्सप्रेसवे के ये दोनों सेक्शन पूरे हो चुके हैं। लेकिन अब भी इसके बीच वीरसेन के 1,600 वर्ग मीटर के घर की वजह से सड़क के उस हिस्से कंस्ट्रक्शन नहीं हो पाया है।। 212 किलोमीटर के इस एक्सप्रेसवे की जून में खुलने की संभावनाएं है।

लेकिन जब यह सड़क खुलेगी, तो वीरसेन का अब खाली पड़ा दो मंजिला घर एक खास भूमिका निभाएगा। NHAI के एक अधिकारी ने बातचीत में बताया कि ‘कोर्ट में केस होने के कारण काम रुका हुआ है, घर के मालिक और उनके परिवार ने सुप्रीम कोर्ट में केस दायर किया है।’

94 फीसदी लोगों ने ले ली पेमेंट
बताते चले कि जब मंडोला हाउसिंग प्रोजेक्ट की घोषणा की गई थी, तो सरकार ने 1,100 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर पर जमीन अधिग्रहित करने की पेशकश की थी। इससे करीब 1,000 किसान और घर के मालिक प्रभावित हुए थे। पिछले कुछ सालों में, उनमें से 94% ने पेमेंट ले ली है। लेकिन वीरसेन उन मुट्ठी भर लोगों में से थे जिन्होंने पैसे लेने से मना कर दिया।

जिन लोगों ने इस प्रोजेक्ट में अपनी जमीन देने से इनकार किया, वे चाहते थे कि मुआवजा की दरें बढ़ाई जाएं। TOI के अनुसार, वीरसेन ने 2007 में इलाहाबाद HC का रुख किया था। लेकिन कई सालों तक अदालती कार्यवाही चलने के कारण, 2010 में यूपी हाउसिंग बोर्ड को उनकी जमीन का निर्धारण करने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस केस के सॉल्व होने तक पहुंचने से पहले ही वीरसेन की मृत्यु हो गई।

2017 और 2020 के बीच, एक्सप्रेसवे बनाने की NHAI के प्रोजेक्ट ने प्रभावी रूप ले लिया। हाउसिंग बोर्ड के एक सूत्र ने बताया कि NHAI को रैंप बनाने के लिए मंडोला के पास जमीन की जरूरत थी। जिसके लिए 2020 में हाउसिंग बोर्ड ने एनएचएआई को जमीन का टुकड़ा दे दिया। उसी जमीन का टुकड़ा यह घर भी था।

2024 में, वीरसेन के पोते लक्ष्यवीर ने SC का रुख किया। जहां यह दिया गया कि जमीन हाउसिंग बोर्ड को नहीं देनी है। मामले से जुड़े एक व्यक्ति ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि SC ने याचिका को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच को सौंप दिया है। अब लखनऊ बेंच ने 16 अप्रैल को सुनवाई की तारीख तय की है। मामले में तेजी लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश भी हैं क्योंकि यह प्रोजेक्ट लोगों के व्यापक हित में है।

Latest articles

PM मोदी बोले- पेट्रोल-डीजल का कम करें उपयोग, भारत में तेल के कुएं नहीं

आज वर्क फ्रॉम होम की जरूरत, एक साल तक सोना न खरीदें बेंगलुरु/हैदराबाद। पीएम नरेंद्र...

भेल गांधी मार्केट में 13 साल बाद हुआ चुनाव, महेंद्र नामदेव ‘मोनू’ बने नए अध्यक्ष

व्यापारी संघ चुनाव: 95 प्रतिशत से अधिक हुआ मतदान, महेंद्र ने 57 मतों के...

भोपाल-जेवर एयरपोर्ट के बीच 1 जुलाई से शुरू होगी पहली फ्लाइट, NCR कनेक्टिविटी को मिलेगा बड़ा फायदा

भोपाल। राजा भोज एयरपोर्ट से जल्द ही यात्रियों को जेवर एयरपोर्ट के लिए सीधी...

स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 : भोपाल की 80 पिछली गलियां होंगी चमकदार, गंदगी मिलने पर अफसरों पर होगी कार्रवाई

भोपाल। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 को लेकर भोपाल नगर निगम ने शहरभर में बड़े स्तर...

More like this

तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बने विजय, 200 यूनिट फ्री बिजली का पहला ऑर्डर

चेन्नई। टीवीके चीफ सी जोसेफ विजय यानी थलापति विजय आज तमिलनाडु के सीएम पद...

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संकल्प और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से बदल रही है चिरमिरी की तस्वीर

रायपुर। चिरमिरी के एसईसीएल क्षेत्र में रहने वाले लोग पीढ़ियों से कोयले की खदानों...

मुख्यमंत्री की ‘गांव चलो’ मुहिम: जाजोद की गलियों में सुबह-सुबह पहुंचे भजनलाल शर्मा, बच्चों को बांटी चॉकलेट

राजस्थान। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 'गांव चली सरकार' अभियान के तहत शुक्रवार...