साहिबगंज,
झारखंड में दो मालगाड़ियां आपस में टकरा गईं . कोयले से लदी होने की वजह से ट्रेनों में आग लग गई. हादसे में दोनों मालगाड़ी के ड्राइवरों की जान चली गई. चार CISF के जवान भी घायल हैं. मौके पर राहत और बचाव का काम जारी है. एक न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, घटना 1 अप्रैल (मंगलवार) तड़के सुबह तीन बजे साहिबगंज जिले के बरहेट एमजीआर लाइन पर हुई. एक मालगाड़ी झारखंड गोड्डा के ललमटिया से पश्चिम बंगाल के फरक्का NTPC जा रही थी. इसी दौरान वह दूसरी मालगाड़ी से टकरा गई. टक्कर के बाद उसमें आग लग गई.
घटना की सूचना पाकर दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया. इस लाइन पर मालगाड़ी का ट्रैफिक ठप हो गया है. इसे ठीक करने में 2 से ज्यादा दिनों का समय लग सकता है. घटना के कारणों की जांच की जा रही है.
पुलिस ने बताया कि दोनों मालगाड़ियां बिजली कंपनी NTCP द्वारा संचालित की जाती थीं. जिस ट्रैक पर यह दुर्घटना हुई, वह भी NTCP के मालिकाना अधिकार में है. इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से इसके बिजली प्लांट्स में कोयला ट्रांसपोर्ट करने के लिए किया जाता है. साहेबगंज के सब-डिविजनल पुलिस अधिकारी किशोर तिर्की ने मीडिया को बताया कि दोनों मालगाड़ियों के ड्राइवरों की आमने-सामने की टक्कर की वजह से जान चली गई. पूर्वी रेलवे के प्रवक्ता कौशिक मित्रा ने बताया,
वहीं, रेलवे ने एक बयान में कहा,
NTPC ने मालदा डिवीजन से मदद मांगी है. ईस्टर्न रेलवे के मालदा डिवीजन से 140 टन की क्रेन की मांग की . इसे साहिबगंज से मंगाया गया है. भारतीय रेलवे NTPC अधिकारियों को मरम्मत के लिए हर मुमकिन मदद दे रहा है.जिस लाइन पर यह दुर्घटना हुई, उसे आमतौर पर NTCP लालमटिया MGR के नाम से जाना जाता है. यह बिहार के भागलपुर जिले में PSU के कहलगांव सुपर थर्मल पावर स्टेशन को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में फरक्का पावर प्लांट से जोड़ती है.
अहमदाबाद-बरौनी एक्सप्रेस में आग
एक न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, इससे पहले 31 मार्च की शाम को अहमदाबाद-बरौनी एक्सप्रेस में आग लगने की घटना हुई थी. इस दौरान धुआं कोच में भर गया था. हालांकि बोगी खाली होने के कारण कोई हताहत नहीं हुआ. घटना मध्य प्रदेश के भोपाल डिवीजन के खंडवा और इटारसी सेक्शन के बीच हुई थी. अधिकारियों ने एजेंसी को बताया कि शाम 5:15 बजे आग बुझाने के बाद ट्रेन को बिहार के बरौनी के लिए रवाना किया गया.
अधिकारियों का कहना था कि यह आग नहीं थी बल्कि ट्रेन के आखिरी कोच के पावर-कम-लगेज कार से धुआं निकल रहा था. वहीं, 30 मार्च को ओडिशा में कटक के पास एक पैसेंजर ट्रेन के 11 डब्बे पटरी से उतर गए थे. इस घटना में एक शख़्स की मौत हो गई थी. आठ लोग घायल हुए थे.
