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वक्फ संशोधन विधेयक पास होने के बाद ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के पास क्या है रास्ता?

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लखनऊ:

वक्फ संसोधन विधेयक को लोकसभा में पेश कर दिया गया है। इसको लेकर विपक्षी दलों के साथ ही मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी मोर्चा खोल रखा है। वहीं अगर ये विधेयक लोकसभा में पास हो जाता है तो ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है। लखनऊ ऐशबाग ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा कि लोकसभा में वक्फ संसोधन बिल पेश किया गया है, इससे बड़ी मायूसी हुई है। क्योंकि जितना भी संशोधन किया गया है वो वक्फ के लिए लाभदायक नहीं, बल्कि नुकसानदेह है। उन्होंने कहा कि अगर बिल लोकसभा और राज्यसभा से पास हो जाता है तो भी हमारे लिए कोर्ट का दरवाजा खुला है। हमें पूरी उम्मीद है कि कोर्ट से हमें इंसाफ मिलेगा। उन्होंने कहा कि क्योंकि उनमें से कई कानून संविधान की धारा 14, 25, 26 और 29 के खिलाफ है।

मौलाना खालिद रशीद ने कहा कि AIMPLB के साथ ही अन्य संस्थाओं ने जो सुझाव जेपीसी के सामने रखे थे उनको इस बिल में शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि वक्फ काउंसिल और बोर्ड में 4 गैर मुस्लिम सदस्यों को शमिल करने की बात कही गई है। जबकि किसी भी दूसरे धार्मिक ट्रस्ट और संस्थाओं में कानूनी तौर पर दूसरे धर्म का व्यक्त्ति शामिल नहीं हो सकता है। यह अपने आप में बड़ी नाइंसाफी है।

मौलाना ने कहा कि 90% से ज्यादा वक्फ मस्जिदों, कब्रिस्तानों और दरगाहों की शक्ल में है। इसके बावजूद भी ये कहना कि धार्मिक मामला नहीं है, ये अपने आप में एक अचम्भे की बात है। वक्फ बिलइस्तिमाल के खत्म किये जाने से बहुत सी वक्फ सम्पत्तियों को नुकसान पहुंच सकता है।

मौलाना ने कहा कि जो बिल पेश किया गया है, इसमें इस फलास को शामिल करना कि किसी भी नौमुस्लिम को यह साबित करना कि वह 5 साल से मुसलमान है, तब ही वह प्राप्रर्टी वक्फ कर सकता है। यह देश के संविधान की धारा 26 के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड में सदस्यों का चयन सरकार करेगी जबकि अभी तक इलेक्शन के माध्यम से सदस्यों को चयनित किया जाता था।

एक सेक्युलर देश में एक सेक्युलर तरीके से बनाये जाने वाले लोग नामजद बोर्ड की शक्ल दी जा रही है, जो कि अपने आप में गैरसंविधानिक कार्य है। उन्होंने कहा कि इस बिल में बोर्ड में औरतों को शामिल करने की बात की गई है जबकि मौजूदा वक्फ एक्ट में पहले से ही औरतों को शामिल करने की बात कही गई है।

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