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Tuesday, June 2, 2026
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कोई भी देश 100% सटीक खुफिया जानकारी की गारंटी नहीं दे सकता… पहलगाम हमले पर थरूर ने किया केंद्र सरकार का बचाव, और क्या कहा?

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नई दिल्ली:

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले को खुफिया विफलता बताया है। उन्होंने इसकी तुलना 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा इजराइल पर किए गए हमले से की, जिसने इजरायल जैसे मजबूत खुफिया तंत्र वाले देश को भी चौंका दिया था

‘खुफिया जानकारी नहीं थी’
शशि थरूर ने कहा, “जाहिर है, पूरी तरह से सटीक खुफिया जानकारी नहीं थी। इसमें कुछ नाकामी रही… लेकिन इजरायल का उदाहरण हमारे सामने है, जिसे दुनिया की सबसे बेहतरीन खुफिया सेवाओं में गिना जाता है, फिर भी उसे दो साल पहले 7 अक्टूबर को हैरानी में डाल दिया गया। मेरे विचार में, जैसे इजरायल युद्ध खत्म होने तक जवाबदेही की मांग का इंतजार कर रहा है, वैसे ही हमें भी मौजूदा संकट को पहले पार करना चाहिए और फिर सरकार से जवाबदेही मांगनी चाहिए। कोई भी देश 100% सटीक खुफिया जानकारी की गारंटी नहीं दे सकता।”

‘कई बार हमलों को रोक दिया जाता है’
थरूर ने कहा कि कई बार आतंकी हमलों को सफलतापूर्वक रोक दिया जाता है। लेकिन इस पर किसी का ध्यान नहीं जाता। जब हमले रोकने में नाकाम होते हैं, तो उन पर ही बात होती है। उन्होंने माना कि कुछ कमियां रही हैं। लेकिन उन्होंने कहा कि अभी ध्यान संकट पर होना चाहिए। तुरंत किसी को दोष नहीं देना चाहिए।

इस हमले में 26 पर्यटकों की मौत हुई, जिनमें एक नेपाली नागरिक भी शामिल था, और तीन दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए। यह हमला दोपहर करीब 2 बजे पाहलगाम के पास बैसारन घाटी में हुआ।

NIA कर रही हमले की जांच
इस बीच एनआईए की टीमें 23 अप्रैल से पहलगाम में हैं। वे आतंकी हमले की जांच कर रही हैं। ये टीमें एक आईजी, डीआईजी और एसपी की अगुआई में काम कर रही हैं। वे उन चश्मदीदों से पूछताछ कर रही हैं, जिन्होंने 22 अप्रैल को हुए हमले को देखा था। इस हमले में 26 पर्यटकों की मौत हुई, जिनमें एक नेपाली नागरिक भी शामिल था, और तीन दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए। यह हमला दोपहर करीब 2 बजे पहलगाम के पास बैसरन घाटी में हुआ।

एनआईए के बयान के अनुसार, ‘आईजी, डीआईजी और एसपी की अगुआई वाली टीमें उन चश्मदीदों से पूछताछ कर रही हैं, जिन्होंने शांत और खूबसूरत बैसरन घाटी में इस भयानक हमले को अपनी आंखों से देखा। चश्मदीदों से बारीकी से सवाल किए जा रहे हैं ताकि घटनाओं का क्रम समझा जा सके, जिसके कारण कश्मीर में सबसे भयावह आतंकी हमलों में से एक हुआ।’

एनआईए की टीमें आतंकियों के तौर-तरीकों का पता लगाने के लिए उनके एंट्री और भागने के पॉइंट की बारीकी से जांच कर रही हैं। फॉरेंसिक और अन्य एक्सपर्ट की मदद से टीमें पूरे क्षेत्र की गहन तलाशी ले रही हैं ताकि इस हमले की साजिश का पर्दाफाश हो सके।

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