पटना
बिहार चुनाव को लेकर महागठबंधन में मुख्यमंत्री पद के चेहरे पर असमंजस की स्थिति गहराती जा रही है। इसी बीच भाकपा (माले) महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अगर महागठबंधन को बहुमत मिलता है, तो मुख्यमंत्री पद पर दावा सबसे बड़े दल के नेता का होगा। दरअसल राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) लगातार तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री चेहरा घोषित करती रही है, वहीं भाकपा माले के बयान से इस पर संशय गहराता दिख रहा है। महागठबंधन के एक अन्य सहयोगी मुकेश सहनी (वीआईपी) भी पहले ही तेजस्वी यादव को गठबंधन का नेतृत्वकर्ता बता चुके हैं। लेकिन अब कांग्रेस के बाद माले ने भी ‘चुनाव बाद सबसे बड़े दल के नेता’ को सीएम बनाने की बात दोहराई है।
2025 में बदलाव का दावा, ‘झारखंड मॉडल’ का दिया हवाला
मंगलवार को पटना के हड़ताली मोड़ स्थित पार्टी कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि 2025 में बिहार में बदलाव तय है। उन्होंने दावा किया कि इंडिया गठबंधन ज़मीन पर सक्रिय रूप से काम कर रहा है और 4 मई को प्रतिनिधियों का बड़ा सम्मेलन होगा। उन्होंने झारखंड मॉडल की तर्ज पर बिहार में भी गठबंधन की जीत का भरोसा जताया।
नीतीश कुमार की सेहत पर क्या बोले भट्टाचार्य?
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सेहत से जुड़े सवालों पर भट्टाचार्य ने भाजपा को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह ओडिशा में भाजपा नवीन पटनायक की सेहत को चुनावी मुद्दा बनाती है, उसी तरह बिहार में नीतीश कुमार को घेरे में लेने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि वर्तमान में बिहार सरकार को वास्तव में चला कौन रहा है।
आतंकी हमले पर केंद्र सरकार पर निशाना
पहलगाम आतंकी हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए माले महासचिव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब मोदी विपक्ष में थे, तो कांग्रेस सरकार से आतंकी गतिविधियों को लेकर सवाल पूछते थे- वही सवाल आज भी प्रासंगिक हैं: आतंकवादी आते कहां से हैं और उन्हें फंडिंग कौन करता है? उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री गंभीरता दिखाने के बजाय रैली करने बिहार चले आते हैं।
