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Wednesday, May 6, 2026
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पानी को लेकर पंजाब और हरियाणा में तकरार, भगवंत मान बोले, नहीं देंगे एक बूंद पानी

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चंडीगढ़

पंजाब और हरियाणा के बीच चला आ रहा जल विवाद एक बार फिर से तूल पकड़ता दिख रहा है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हरियाणा को एक बूंद भी पानी नहीं देने को कहा है। मान ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो संदेश में साफ कहा कि पंजाब हरियाणा को अपनी जल सीमा से बाहर कोई अतिरिक्त पानी नहीं देगा। ऐसे में जब पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौता रद्द किया है और यह माना जा रहा है कि इस फैसले से जम्मू-कश्मीर के साथ पंजाब को फायदा हो सकता है तब मान ने हरियाणा को एक बूंद पानी नहीं देने काे कहा है। हरियाणा को भाखड़ा नहर के जरिए पानी की आपूर्ति होती है। आरोप है कि पंजाब ने पानी में कटौती कर दी है।

एक्स पर साझा किया वीडियो
मुख्यमंत्री मान ने अपने आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर जारी किए गए वीडियो में कहा है कि हरियाणा अपनी पूरी हिस्सेदारी का पानी इस्तेमाल कर चुका है। अब पंजाब एक बूंद पानी भी अतिरिक्त नहीं देगा। मान ने आरोप लगाया है कि बीजेपी पर बीबीएमबी के जरिए दबाव बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बादल सरकार के समय पानी का कोई हिसाब नहीं रखा जाता था। ऐसे में पंजाब और हरियाणा के बीच पानी को लेकर विवाद गहरा दिख रहा है। मान का यह बयान ऐसे वक्त पर आया है जब हरियाणा द्वारा अतिरिक्त पानी की मांग की गई है। सीएम भगवंत मान ने दो टूक कहा कि पंजाब के पास देने के लिए एक बूंद भी अतिरिक्त पानी नहीं है।

क्या बोले भगवंत मान?
मान ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) के जरिए पंजाब पर दबाव बना रही है ताकि हरियाणा को अतिरिक्त पानी दिया जा सके। मान ने इस प्रयास को पंजाब के किसानों और नागरिकों के अधिकारों पर हमला बताया। उन्होंने अपने वीडियो मैसेज में कहा कि यह सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि इंसाफ की लड़ाई है। हमारे खेतों से, हमारी नदियों से, हमारी जनता से उनका हक छीना जा रहा है। पंजाब अपनी जीवनरेखा को नहीं सौंपेगा। हरियाणा की तरफ से सरकार बार-बार केंद्र से और पंजाब से अनुरोध कर रही है कि गर्मी और सूखे की वजह से राज्य में उत्पन्न पीने के पानी की किल्लत को दूर करने के लिए अतिरिक्त पानी दिया जाए।

क्या है पंजाब का तर्क?
पंजाब का तर्क है कि राज्य पहले से ही जल संकट से जूझ रहा है और यदि पानी का और बंटवारा हुआ तो किसानों की फसलें और आम नागरिकों की जल जरूरतें प्रभावित होंगी। मुख्यमंत्री मान ने यह भी कहा कि बीबीएमबी का उपयोग करके पंजाब को धमकाने की कोशिश की जा रही है, जिसे राज्य किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने पंजाब के लोगों से अपील की कि वे एकजुट होकर इस न्याय की लड़ाई में साथ खड़े हों। अगर पंजाब द्वारा हरियाणा को पानी नहीं दिया जाता है तो पांच जिलों में संकट होगा। हरियाणा में नायब सैनी सरकार में मंत्री श्रुति चौधरी ने यह विषय केंद्र सरकार के सामने उठाया है।

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