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Wednesday, May 6, 2026
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UP : सैयद सालार गाजी मसूद की दरगाह पर नहीं लगेगा जेठ मेला, बहराइच प्रशासन ने नहीं दी अनुमति

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बहराइच

उत्तर प्रदेश के बहराइच में सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर हर साल आयोजित होने वाले प्रसिद्ध ‘जेठ मेला’ का आयोजन इस बार नहीं होगा। जिला प्रशासन ने इसके आयोजन को अनुमति देने से इनकार कर दिया है। प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि पहलगाम हमला, संभल हिंसा और वक्फ बोर्ड संशोधन को लेकर देश भर के जनमानस में विरोध एवं आक्रोश के मद्देनजर प्रशासन ने मेला कराने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। आगामी 15 मई से 15 जून तक बहराइच के दरगाह शरीफ में सैयद सालार मसूद गाजी की मजार पर हर साल ‘जेठ मेला’ लगना था।

बहराइच जेठ मेला में देश-विदेश से करीब 15 लाख लोगों के आने का अनुमान था। पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) पहुप कुमार सिंह ने शनिवार को एक वीडियो बयान में कहा कि बहराइच में हर साल जेठ मेला का आयोजन होता रहा है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों जैसे पहलगाम में आतंकी हमला, वक्फ बिल संशोधन और संभल हिंसा को लेकर जनमानस में विरोध एवं आक्रोश की स्थिति बनी हुई है। जेठ मेले में लाखों की भीड़ आती है, इसलिए शांति और सुरक्षा के दृष्टिगत इस आयोजन की अनुमति नहीं दी जा रही है।

15 अप्रैल को मांगी गई थी अनुमति
सिटी मजिस्ट्रेट शालिनी प्रभाकर ने कहा कि दरगाह शरीफ प्रबंध समिति अध्यक्ष ने 15 अप्रैल को बहराइच जिलाधिकारी को संबोधित पत्र में वार्षिक जेठ मेला आयोजन की बैठक के लिए आग्रह किया था। इस क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक (नगर), उपजिलाधिकारी सदर, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका और अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत से रिपोर्ट मांगी गयी थी।इन सभी ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट कहा है कि कानून व्यवस्था एवं उत्पन्न परिस्थितियों के कारण इस समय वार्षिक जेठ मेला की संस्तुति और अनुमति देना उचित नहीं है। इस स्थिति के क्रम में दरगाह मेला प्रबंधक को अवगत भी करा दिया गया है।

हिंदूवादी संगठन कर रहे विरोध
दरअसल, हिंदूवादी संगठन बीते कई वर्षों से महाराजा सुहेलदेव को अपना आदर्श और सैयद सालार मसूद को आक्रांता बताते रहे हैं। जिस स्थान पर मेला लगता है उसे हिंदूवादी संगठन सूर्य कुंड बताते हैं। 20 मार्च को एक कार्यक्रम में बहराइच आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में महाराजा सुहेलदेव के शौर्य की सराहना की थी।सीएम योगी ने अपने भाषण में यह भी कहा था कि आक्रांता (गाजी) का महिमामंडन करना मतलब देशद्रोह की नींव को पुख्ता करना है। स्वतंत्र भारत ऐसे किसी भी देशद्रोही को स्वीकार नहीं कर सकता।

नेजा मेला को नहीं मिली थी अनुमति
पिछले दिनों सैयद सालार मसूद गाजी के नाम पर संभल में लगने वाले ‘नेजा मेला’ को वहां के प्रशासन ने अनुमति देने से इनकार किया था। वहीं, 23 मार्च को मेला प्रबंध समिति ने बहराइच के ‘जेठ मेला’ के लिए होने वाले ठेकों की नीलामी अचानक स्थगित कर दी थी, जिससे मेला लगने की संभावनाओं पर आशंका जताई जाने लगी। हालांकि, कुछ ही दिन बाद 27 मार्च को नीलामी सम्पन्न हो जाने से मेला न लगने की आशंकाएं निर्मूल लगने लगीं। बहराइच में मेला कराए जाने के कयास लगाए जाने लगे थे। हालांकि, हिंदूवादी संगठन लगातार मेले को रद्द करने की मांग कर रहे थे।

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